आईएआरआई एलुमनी एसोसिएशन नवाचार, छात्र समर्थन और कृषि नेतृत्व सुदृढ़ करने का संकल्प
नई दिल्ली,- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) एलुमनी एसोसिएशन (IAA) ने मंगलवार को अपने 34वें स्थापना दिवस और एलुमनी मीट का भव्य आयोजन किया, जिसमें 300 से अधिक पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, फैकल्टी सदस्य और छात्र देश–विदेश से प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से जुड़े। पूरे दिवस चलने वाले इस कार्यक्रम में फाउंडेशन डे लेक्चर, वार्षिक आम सभा (GBM), सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, संवाद सत्र और नेटवर्किंग डिनर शामिल रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
नवाचार पर केंद्रित फाउंडेशन डे लेक्चर: ‘कम में अधिक’ की अवधारणा किसानों के हित में—डॉ. माशेलकर
समारोह की मुख्य आकर्षण फाउंडेशन डे लेक्चर रहा, जिसे पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर, पूर्व महानिदेशक, CSIR ने प्रस्तुत किया।
उन्होंने अपने व्याख्यान “More from Less for More (MLM)” में कहा कि भारत को कृषि क्षेत्र में नए युग के नवाचारों की आवश्यकता है, जो सीमित संसाधनों में अधिक उत्पादन सुनिश्चित कर सकें और छोटे–सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ दें।
डॉ. माशेलकर ने कहा—
डिजिटल टेक्नोलॉजी, नैनो–साइंस, जैवप्रौद्योगिकी और किफायती नवाचार भविष्य की कृषि को आकार देंगे।
अनुसंधान उत्कृष्टता ही इन नवाचारों को बाजार तक पहुंचाने और किसानों द्वारा अपनाने का प्रमुख आधार है।
भारत के कृषि वैज्ञानिकों को ऐसे समाधान विकसित करने की आवश्यकता है, जो सस्ती, टिकाऊ और समावेशी हों।
लेक्चर की अध्यक्षता पद्म भूषण डॉ. आर. एस. परोडा, अध्यक्ष IAA और पूर्व DG, ICAR ने की। संचालन डॉ. अनुरूपमा सिंह, डीन IARI तथा डॉ. अनिल कुमार सिंह, सचिव IAA ने किया।
वार्षिक आम सभा (GBM) में गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा
IAA की वार्षिक जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में वर्ष 2024-25 की गतिविधियों और वित्तीय विवरणों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. परोडा ने करते हुए एलुमनी सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
सचिव डॉ. अनिल कुमार सिंह ने वार्षिक सचिव रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पिछले वर्ष की उपलब्धियाँ, कार्यक्रम और आर्थिक प्रगति शामिल थे। रिपोर्ट को जनरल बॉडी ने सर्वसम्मति से स्वीकृति दी।
संयुक्त सचिव डॉ. श्रीधर गुतम ने IAA की वेबसाइट व न्यूज़लेटर में किए गए तकनीकी सुधारों की जानकारी साझा की और अधिक से अधिक एलुमनी को योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यकारिणी के अन्य सदस्य — उपाध्यक्ष डॉ. जी. के. मोहापात्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. रॉय बर्मन सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक बैठक में उपस्थित रहे।
एलुमनी ने भारत और विदेशों में क्षेत्रीय अध्याय (Regional Chapters) शुरू करने और नेटवर्क को मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा।
IAA की नई पहलें: छात्र–संकाय के लिए बढ़ेगी सहायता
IAA ने आगामी वर्ष के लिए तीन महत्वपूर्ण प्राथमिकताएँ घोषित कीं—
1. छात्र समर्थन
मेंटरशिप कार्यक्रम
छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता
करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सपोर्ट
2. फैकल्टी विकास
अंतरराष्ट्रीय exposure कार्यक्रम
शोध पुरस्कार और सम्मान
क्षमता–विकास कार्यशालाएँ
3. एलुमनी सम्मान
उत्कृष्ट एलुमनी को नए पुरस्कार
युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणादायी मंच
इन पहलों का उद्देश्य IARI के शैक्षणिक और अनुसंधान वातावरण को और मजबूत करना है।
वैज्ञानिक समुदाय की गरिमामय उपस्थिति ने बढ़ाया समारोह का महत्व
समारोह में कृषि अनुसंधान क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें शामिल हैं—
डॉ. एम. एल. जाट, महानिदेशक, ICAR
डॉ. संजय कुमार, चेयरमैन, ASRB
डॉ. च. श्रीनिवास राव, निदेशक, IARI
पद्म भूषण डॉ. आर. बी. सिंह
पद्म श्री डॉ. सुरिंदर कुमार वासल
डॉ. अनुपमा वर्मा, पूर्व डीन, IARI
डॉ. ए. के. सिंह, पूर्व निदेशक, IARI
डॉ. आर. सी. अग्रवाल, पूर्व DDG, ICAR एवं उपाध्यक्ष, IAA
डॉ. प्रसन्ना, निदेशक, साउथ एशिया, CIMMYT
डॉ. रमेश चंद, सदस्य, नीति आयोग
डॉ. डब्ल्यू. आर. रेड्डी, पूर्व DG, NIRDPR
IAA ने इस अवसर पर विशिष्ट गोल्ड दानदाताओं, सुपर सीनियर एलुमनी और वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित किया, जिन्होंने एसोसिएशन और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और डिनर के साथ हुआ समापन
शाम को छात्रों और पूर्व छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें संगीत, नृत्य और कला प्रदर्शन शामिल थे। इसके बाद आयोजित नेटवर्किंग डिनर ने पुराने साथियों को दोबारा जोड़ने और नए सहयोग के अवसर तलाशने का मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि IARI एलुमनी एसोसिएशन छात्रों, संकाय और कृषि विज्ञान के उन्नयन के लिए लगातार प्रयासरत है और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत दिशा देने का संकल्प रखता है।
