यूपी में गन्ना प्रजातियों की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम!

गन्ना किस्मों की शुद्धता सुनिश्चित करने को 5424 कार्मिक प्रशिक्षित | गन्ना आयुक्त

लखनऊ –प्रदेश में गन्ना प्रजातियों के अपमिश्रण को रोकना और प्रजातीय शुद्धता सुनिश्चित करना गन्ना विकास विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना सर्वेक्षण के आंकड़ों की परिशुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सर्वे कार्मिकों का विभिन्न गन्ना किस्मों की सही पहचान में दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है।

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उन्होंने कहा कि किस्मों की सही पहचान से गन्ना आपूर्ति प्रणाली अधिक सुगम होगी तथा चीनी मिलों का संचालन निर्बाध रूप से किया जा सकेगा। इसके साथ ही निर्गत पर्चियों की श्रेणी के अनुसार गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी यह व्यवस्था सहायक सिद्ध होगी।

फील्ड कार्मिकों का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम

गन्ना विकास विभाग द्वारा पहली बार प्रदेश स्तर पर गन्ना किस्मों की पहचान हेतु फील्ड कार्मिकों का व्यापक एवं जीवंत प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत किस्मों की पहचान में दक्ष वैज्ञानिकों के साथ-साथ 474 मास्टर ट्रेनर्स को चिन्हित किया गया, जिनके माध्यम से विभागीय एवं चीनी मिलों के फील्ड कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

5,424 कार्मिकों को मिला विशेष प्रशिक्षण

इस अभियान के तहत गन्ना विभाग के 1,519 तथा चीनी मिलों के 3,905 कार्मिकों सहित कुल 5,424 फील्ड कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में गन्ने की विभिन्न किस्मों की पहचान, उनके भौतिक एवं वैज्ञानिक लक्षण, फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया और सर्वेक्षण रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि सर्वेक्षण कार्य एकरूपता और सटीकता के साथ सम्पन्न हो सके।

सर्वेक्षण में होगी सटीकता, त्रुटियों का होगा निवारण

प्रशिक्षित कार्मिकों के माध्यम से अब सर्वेक्षण के दौरान गन्ना किस्मों की पहचान आसान होगी तथा आंकड़ों में होने वाली त्रुटियों को प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। ये कार्मिक खड़े गन्ने का सर्वे कर गुणवत्तापूर्ण बीज प्लाटों का चयन करेंगे तथा अस्वीकृत किस्मों के प्लाटों और किसानों की पहचान भी सुनिश्चित करेंगे।

बसंत कालीन बुआई के लिए प्रभावी पहल

गन्ना आयुक्त ने बताया कि बसंत कालीन बुआई को ध्यान में रखते हुए माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अस्वीकृत एवं पुरानी किस्मों का विस्थापन कर नवीन, उच्च उत्पादकता वाली किस्मों का आच्छादन बढ़ाया जाएगा। यह पहल प्रदेश में गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने, शुद्ध बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कृषकों की आय बढ़ाने तथा चीनी मिलों को बेहतर पेराई योग्य गन्ना उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में कृषकों द्वारा केवल संस्तुत और उच्च उत्पादकता वाली किस्मों की ही बुवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे गन्ना उत्पादन प्रणाली अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और लाभकारी बन सकेगी।