अब हर गन्ना किसान परिवार तक पहुंचेगी सामाजिक सुरक्षा!

6 जुलाई से शुरू होगा सामाजिक सुरक्षा महाअभियान, लाखों गन्ना किसान परिवारों को मिलेगा सुरक्षा कवच!

सहकारी गन्ना विकास समितियां बनेंगी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रमुख माध्यम!

लखनऊ, 5 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और शासन के निर्देशों के तहत गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग द्वारा 6 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान संचालित किया जाएगा।

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इस अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा की मजबूत संस्कृति विकसित करना है, जिससे किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक जोखिमों से सुरक्षा मिल सके।

बीमा और पेंशन योजनाओं से जुड़ेंगे किसान परिवार

अभियान के दौरान किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) तथा अटल पेंशन योजना (APY) से जोड़ा जाएगा। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु तथा वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाने, किसानों की आय सुरक्षा बढ़ाने तथा वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गन्ना समितियां निभाएंगी ‘लीड इंस्टीट्यूशन’ की भूमिका

दशकों से किसानों के साथ सीधे संपर्क में रहने वाली सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की मुख्य कड़ी होंगी। समितियां किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, पात्रता समझाने, दस्तावेज सत्यापन कराने और नामांकन सुनिश्चित करने का कार्य करेंगी।

इस पहल से गन्ना समितियां भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में उभरेंगी।

समिति परिसरों में लगेंगे विशेष सहायता एवं नामांकन केंद्र

अभियान के दौरान प्रत्येक समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे।

इन केंद्रों पर किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, बैंकिंग सहायता, दस्तावेज सत्यापन, नया बैंक खाता खुलवाने की सुविधा तथा तत्काल नामांकन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

महिला स्वयं सहायता समूहों की रहेगी सक्रिय भागीदारी

अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष रूप से अभियान से जोड़ा जाएगा और उन्हें बीमा, पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है और ग्रामीण समाज में आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलती है।

गांव-गांव पहुंचेगी जागरूकता मुहिम

गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव तथा विभागीय अधिकारी गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ-साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को और चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देंगे।

अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के लिए समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, पंपलेट, ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

किसानों की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना, बीमारी, आकस्मिक मृत्यु अथवा वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में समय पर वित्तीय सहायता मिलने से किसान परिवार आर्थिक संकट से उबरने में सक्षम होते हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक दायरा ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिरता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी गति देता है।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग का लक्ष्य है कि इस महाअभियान के माध्यम से अधिकतम पात्र गन्ना किसान परिवार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें और प्रदेश का प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यह पहल “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को मजबूत करने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।