खेती की दुनिया को लेकर भारत-जर्मनी के बीच संवाद

भारत-जर्मनी कृषि सहयोग: जैविक खेती और डिजिटल कृषि में नई संभावनाएं ग्लोबल लेवल पर भारत कृषि जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जर्मनी के साथ कृषि सहयोग को लेकर संवाद हुआ। जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने कृषि भवन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एमओएएंडएफडब्‍ल्‍यू) के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की। … Read more

SYMSAC-XI 2025: कोझिकोड में मसालों के स्मार्ट उपज और विविधीकरण की पहल

मसाले और सुगंधित फसलों पर हुआ विचार-विमर्श कोझिकोड भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), कोझिकोड में  राष्ट्रीय संगोष्ठी SYMSAC-XI का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय “स्मार्ट उत्पादन, उत्पाद विविधीकरण और उपयोग के लिए रणनीतियां” था। भारतीय मसाला सोसाइटी (ISS) द्वारा ICAR, स्पाइसेस बोर्ड, DASD, और ICAR-NRCSS के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों और … Read more

उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025: पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए कदम

  पुणे: पशुधन क्षेत्र को सशक्त और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025 का आयोजन पुणे के जी.डी. मदुलकर नाट्य गृह में किया गया। इस वर्ष का विषय था, “उद्यमियों को सशक्त बनाना, पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना”। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री  … Read more

कृषि को दुरुस्त रखने के लिए समीक्षा बैठक हर सोमवार को

13 लाख 68 हजार 660 मीट्रिक टन से ज्यादा सोयाबीन की रिकॉर्ड खरीदी कृषि और किसान देश और देश की जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हर सप्ताह कुछ न कुछ स्थितियों में परिवर्तन होता है। कृषि मंत्रालय की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री शिवराज चौहान वे कहा कि इसलिए हमने फैसला किया है … Read more

सहजन का निर्यात अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका तक पहुंचा

  सहजन की खेती, कम लागत में ज्यादा मुनाफा भारत जैसे कृषि प्रधान देश में सहजन की खेती एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सहजन, जिसे मोरिंगा या ‘ड्रमस्टिक’ के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। इसकी खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, … Read more

अजोला की खेती: बेहतर भविष्य की संभावना

भारत में अजोला की खेती की आवश्यकता अजोला एक प्रकार की तैरने वाली जलीय फर्न है, जिसे भारत में पशु चारे और जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह अत्यधिक पोषक तत्वों से भरपूर है और किसानों के लिए कम लागत में अधिक फायदा प्रदान करने वाली खेती के रूप में उभर … Read more

मध्यप्रदेश: बड़वानी में ₹2,491 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ

”हर खेत को पानी और हर हाथ को मिलेगा काम” बड़वानी,  मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बड़वानी जिले के सेंधवा कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ₹ 2,491 करोड़ रुपये की लागत वाली दो प्रमुख माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य निमाड़ … Read more

महामारी की तैयारी और पशुधन वैक्सीन नवाचार

हैदराबाद में महामारी की तैयारी और वैक्सीन नवाचार पर सम्मेलन  हैदराबाद – मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग ने इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से “महामारी की तैयारी और वैक्सीन नवाचार पर सम्मेलन” आयोजित किया। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य प्रो. डॉ. विनोद के … Read more

मौसम के लिहाज से करें मशरुम की खेती

मशरूम और मौसम का रिश्ता है निराला मौसम के अनुसार मशरुम की प्रजातियां का चयन कर खेती की जाएं तो बेहतर मुनाफा संभव है। भारत में मशरूम की खेती के लिए भौगोलिक विविधता और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सही प्रजाति का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हर मशरूम प्रजाति के लिए विशिष्ट तापमान, नमी, … Read more

AWBI और NALSAR ने देश में पशु कल्याण को सशक्त बनाने के लिए समझौता किया

“पशु कल्याण पखवाड़ा 2025: AWBI की नई पहल” भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) और एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के बीच हुआ यह समझौता ज्ञापन (MoU) भारत में पशु कल्याण के कानूनी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत, मानद पशु कल्याण प्रतिनिधियों (HAWR) को पेशेवर कानूनी … Read more