ईरोड बनेगा टरमरिक सिटी, टेस्टिंग लैब को हरी झंडी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले— विकसित भारत–जी राम जी कानून से स्वावलंबी गांवों का सपना होगा साकार

ईरोड (तमिलनाडु) – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी कानून स्वावलंबी और समृद्ध गांवों के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक और ठोस कदम है। तमिलनाडु के ईरोड में कामगारों और श्रमिकों से संवाद करते हुए उन्होंने इस महत्वाकांक्षी कानून के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।

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उन्होंने कहा कि यह कानून गांवों में रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा। जनभागीदारी के जरिए विकसित और मजबूत गांवों का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।

मनरेगा की कमियों को दूर करेगा नया कानून

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब तक मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन कई क्षेत्रों में समय पर न तो काम मिलता था और न ही मजदूरी का भुगतान हो पाता था। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और व्यवस्थागत खामियों को खत्म करने के लिए सरकार ने बदलाव करते हुए विकसित भारत–जी राम जी कानून लागू किया है।

उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत अब 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यदि तय समय में रोजगार नहीं मिलता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वहीं, मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होने पर ब्याज भी दिया जाएगा।
इसके साथ ही प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके और व्यवस्था अधिक प्रभावी बने।

ग्राम सभाओं को मिला अधिक अधिकार

चौहान ने कहा कि नए कानून में ग्राम सभाओं को सशक्त किया गया है। अब ग्राम सभाएं स्वयं यह तय करेंगी कि गांव में कौन-कौन से विकास कार्य किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास से जुड़े निर्णय अब चेन्नई या दिल्ली में नहीं, बल्कि गांव स्तर पर लिए जाएंगे।

भ्रांतियां फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस कानून को लेकर जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बदलाव इसलिए किया है ताकि मजदूरों और कामगारों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंचे और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।

ईरोड में टरमरिक सिटी के लिए टेस्टिंग लैब की घोषणा

ईरोड दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रसिद्ध हल्दी मंडी का निरीक्षण किया और हल्दी उत्पादक किसानों व व्यापारियों से बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने टरमरिक सिटी ईरोड में टेस्टिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की और आईसीएआर (ICAR) को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इससे हल्दी की गुणवत्ता जांच, प्रमाणीकरण और बेहतर विपणन में किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

हल्दी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय का आश्वासन

चौहान ने ईरोड में हल्दी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि यह विषय वाणिज्य मंत्रालय से जुड़ा है, लेकिन कृषि मंत्री होने के नाते वह स्वयं इस दिशा में पहल करेंगे। इससे हल्दी किसानों को नीतिगत सहयोग, बेहतर बाजार पहुंच और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे।

कोल्ड स्टोरेज और बीज विकास पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईरोड क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता बेहद अहम है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जा सकते हैं और तमिलनाडु सरकार से आरकेवीवाई (RKVY) फंड के उपयोग का आग्रह किया जाएगा।
उन्होंने स्मगलिंग के जरिए लाई जा रही हल्दी पर रोक लगाने का भी भरोसा दिलाया और कहा कि इन सभी मुद्दों पर दिल्ली में बैठक कर ठोस समाधान निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के बीज को कृषि की बुनियाद बताते हुए आईसीएआर के माध्यम से बीज विकास पर विशेष जोर दिया।

महिला किसानों से संवाद और नवाचारों का अवलोकन

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने 100 से अधिक कृषि उत्पाद स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों व उद्यमियों से उनके उत्पादों की गुणवत्ता और संभावनाओं पर चर्चा की।
चौहान ने 1000 से अधिक महिला किसानों से संवाद किया, विभिन्न किसान संगठनों और प्रगतिशील किसानों से मुलाकात की तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता की।