शाह का ऐलान—सर्कुलर इकोनॉमी से किसानों की आमदनी बढ़ेगी 20%
वाव-थराद (गुजरात)– केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बनास डेयरी द्वारा स्थापित नवनिर्मित बायो-CNG व फर्टिलाइजर प्लांट का उद्घाटन और 150 टन क्षमता वाले मिल्क पाउडर प्लांट का शिलान्यास किया। समारोह में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल तथा सहकारिता सचिव डॉ. आशीष भूटानी सहित अनेक dignitaries उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बनास डेयरी ने जिस सहकारी मॉडल की नींव रखी, वह आज 24 हजार करोड़ रुपये के विशाल कारोबार में बदल चुका है। शाह ने कहा कि “गुजरात के गाँवों की समृद्धि की आधारशिला यहाँ की माताओं-बहनों ने रखी है। बनासकांठा की महिलाओं, किसानों और दूध मंडलियों ने ऐसा चमत्कार कर दिखाया है, जो बड़े कॉर्पोरेट भी नहीं कर सके।”
श्वेत क्रांति 2.0 को गति देगा नया सहकारिता ढांचा
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित श्वेत क्रांति 2.0 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने चार मजबूत स्तंभ खड़े किए हैं—
राष्ट्रीय गोकुल मिशन,
एनिमल हसबैंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड,
पुनर्गठित राष्ट्रीय डेयरी योजना,
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह चारों कार्यक्रम मिलकर भारत को डेयरी क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर पहुँचाएँगे।
बनास डेयरी: देश की सहकारी समितियों के लिए आदर्श
शाह ने कहा कि बनास डेयरी द्वारा विकसित बायो-CNG मॉडल पूरे देश की सहकारी संस्थाओं के लिए प्रेरणा बनेगा। उन्होंने बताया कि अब डेयरियाँ केवल दूध संग्रहण तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि
– जैविक खाद,
– बायो-CNG,
– हाई-वैल्यू डेयरी प्रोडक्ट्स,
– पशु आहार निर्माण
जैसे क्षेत्रों में भी सर्कुलर इकोनॉमी का बड़ा ढांचा तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “गाय-भैंस के एक ग्राम गोबर का भी सदुपयोग होगा और उसका मुनाफा सीधे किसान व पशुपालक के खाते में पहुँचेगा।”
किसानों की आय बढ़ाने का ‘बनास मॉडल’ पूरे देश में लागू होगा
अमित शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई तीन नई राष्ट्रीय को-ऑपरेटिव सोसाइटी—
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बीज उत्पादन व वितरण
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जैविक उत्पादों की मार्केटिंग
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कृषि निर्यात, और डेयरी क्षेत्र की तीन राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएँ—प्रोटीन, चीज़, बेबी फूड, आइसक्रीम, डेयरी व्हाइटनर, पशु आहार आदि के उत्पादन के लिए—आगामी वर्षों में किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
उन्होंने कहा कि “सिर्फ सर्कुलर इकोनॉमी की बदौलत, वर्तमान दूध उत्पादन स्तर पर भी किसानों की आमदनी 20% से अधिक बढ़ाई जा सकती है। इसका डिटेल्ड प्लान तैयार है और इसका केंद्र बनास डेयरी का हेडक्वार्टर बनेगा।”
जल-संचय और समृद्धि पर होगा विस्तृत शोध
शाह ने बताया कि बनासकांठा और मेहसाणा में जल-संचय और सिंचाई से आए बदलाव पर दो विश्वविद्यालयों को व्यापक रिसर्च का दायित्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि “अकालग्रस्त क्षेत्र से तीन फसलें उत्पादन करने वाला यह परिवर्तन ग्रामीण विकास के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।”
महिला सशक्तिकरण का सबसे सफल मॉडल
अमित शाह ने कहा कि बनास डेयरी की सफलता का बड़ा श्रेय ग्रामीण महिलाओं को जाता है।
“पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के कारण हर सप्ताह दूध का पूरा पैसा सीधे माताओं-बहनों के खातों में पहुँच रहा है। यह किसी भी NGO द्वारा बताए गए मॉडल से कहीं अधिक प्रभावी है,”
डेयरी को हाई-वैल्यू उत्पादों की ओर ले जाने की तैयारी
शाह ने बताया कि भारत को दुनिया के हाई-वैल्यू डेयरी प्रोडक्ट बाजार में अग्रणी बनाने के लिए अमूल व सभी डेयरी को नई उत्पाद सूची प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि “केवल दही-घी-पनीर तक सीमित न रहकर अगर हम प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ते हैं, तो किसानों की आय कई गुना बढ़ेगी।”
माइक्रो-एटीएम से मिलेगा ग्रामीण वित्तीय सशक्तिकरण
हर गाँव की दूध मंडली को दिए गए माइक्रो-एटीएम ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को मजबूत करेंगे। जल्द ही इन्हीं उपकरणों से वित्तीय सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी।
समापन
अमित शाह ने कहा कि बनास डेयरी द्वारा स्थापित परंपरा अब केवल गुजरात की नहीं, बल्कि पूरे देश के करोड़ों पशुपालकों की समृद्धि का आधार बनेगी।
“पाँच सालों में यह मॉडल पूरे भारत में किसानों की आय बढ़ाने का सबसे सफल उदाहरण बनकर उभरेगा,”