सफेद मक्खी व रेड रॉट से बचाव के लिए वैज्ञानिक सलाह
लखनऊ, लगातार हो रही भारी वर्षा और जलमग्न खेतों में गन्ना फसल को रोग एवं कीटों से बचाने के लिए गन्ना विकास विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। विभाग ने गन्ना किसानों की मदद के लिए 329 ड्रोन तैनात किए हैं, जिनकी मदद से अब तक 24,218 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कीटनाशकों का छिड़काव सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
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✅ ड्रोन से मुश्किल हालात में भी छिड़काव
गन्ना विकास विभाग ने बताया कि ड्रोन तकनीक से उन खेतों में भी दवाओं का छिड़काव संभव हुआ है, जहां जलभराव के कारण स्थलीय छिड़काव कर पाना मुश्किल था। इस पहल से फसल सुरक्षा कार्य और तेज, प्रभावी तथा सुरक्षित हुआ है।
✅ किसानों को मिलेगी लाइट ट्रैप मशीन
कीट और पतंगों से बचाव के लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को लाइट ट्रैप मशीन उपलब्ध कराएं। यह मशीन विशेष रूप से कम में वोरर कीटों के नियंत्रण में कारगर साबित होगी।
✅ वैज्ञानिकों की एडवाइजरी
सफेद मक्खी, पोक्का बोइंग, जड़ बेधक, चोटी बेधक, रेड रॉट और अन्य हानिकारक कीटों से बचाव हेतु वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों के छिड़काव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे समय पर इन निर्देशों का पालन करें।
✅ अधिकारियों को मैदान में उतरने के निर्देश
मुख्यालय स्तर से सभी उप गन्ना आयुक्तों, जिला गन्ना अधिकारियों और चीनी मिल प्रबंधकों को प्रतिदिन फील्ड भ्रमण कर किसानों से संवाद स्थापित करने और आवश्यकतानुसार ड्रोन से छिड़काव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
✅ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फसल प्रभावित
विभाग के अनुसार हाल की भारी वर्षा और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के चलते कई जगहों पर गन्ना फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे गन्ने की जड़ों में सड़न, कीट व रोग का खतरा और जंगली जानवरों से नुकसान बढ़ गया है।
✅ किसानों के लिए हेल्पलाइन
गन्ना विकास विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से दवाओं का छिड़काव करें। साथ ही, रोग-कीट नियंत्रण या जंगली जानवरों से सुरक्षा संबंधी सुझाव व समस्याएं टोल-फ्री नंबर 18001213203 पर दर्ज कराएं।