September 28, 2026 7:35 PM

Krishi Times

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कृषि क्षेत्र में तकनीकी उन्नति से किसानों की आय में वृद्धि

कृषि विपणन में सुधार के लिए नई योजनाएं

नई दिल्ली: सरकार ने कृषि क्षेत्र में उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं में डिजिटल कृषि मिशन प्रमुख है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), वृहद आंकड़े और भू-स्थानिक डेटा जैसी तकनीकों का उपयोग कर फसल निगरानी, मृदा प्रबंधन और मौसम पूर्वानुमान को सटीक बनाने में मदद करेगा।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने पिछले दस वर्षों में 2900 से अधिक फसल किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 2661 किस्में प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति सहनशील हैं। इसके अलावा, कृषि उत्पादन और कटाई के बाद के चरणों के लिए 156 से अधिक तकनीकें, मशीनें और प्रक्रिया प्रोटोकॉल विकसित किए गए हैं। पशु, मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्रों के लिए भी नई तकनीकें विकसित की गई हैं, जिससे पशु एवं मत्स्य स्वास्थ्य प्रबंधन और उत्पादकता में सुधार होगा।

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और राज्य कृषि विश्वविद्यालय (एसएयू) किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्षेत्र स्तरीय प्रदर्शन, संवादात्मक बैठकें और कौशल विकास कार्यशालाएं आयोजित कर रहे हैं, जिससे कृषि अधिक कुशल और लाभदायक बन सके।

प्रतीकात्मक फोटो (ग्राफिक्स)
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कृषि विपणन में सुधार के लिए नई योजनाएं

सरकार ने कृषि विपणन को सशक्त बनाने के लिए ई-नाम, किसान रेल और किसान उड़ान जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे कृषि उत्पादों के परिवहन और भंडारण में सुधार हो सके। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से बचाकर सीधे बाजार से जोड़ना है। इसके अलावा, एग्री-टेक स्टार्टअप और एग्री-बाज़ार जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म किसानों को खरीदारों से सीधे जोड़कर उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता कर रहे हैं।

मृदा और जल प्रबंधन में नवाचार

आईसीएआर ने संतुलित और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग की सिफारिश की है, जिससे रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को रोका जा सके। साथ ही, कुशल सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है, जिससे जल संसाधनों का संरक्षण हो सके।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि फसल उत्पादन भी बढ़ेगा। सरकार ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (पीडीएमसी) योजना के तहत राज्य सरकारों को जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

कृषि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन में सुधार

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के माध्यम से सरकार कृषि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण को बेहतर बनाना और किसानों को कृषि-आधारित उद्योगों से जोड़ना है।

यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री  भागीरथ चौधरी ने  लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।