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रबी की बुवाई

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 27 जनवरी 2025 तक रबी फसलों के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र कवरेज की प्रगति जारी की है। 35.15 लाख हेक्टेयर में धान की खेती की गई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 315.63 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष लगभग 324.38 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई।पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 139.29 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष लगभग 142.49 लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती की गई। श्री अन्न एवं मोटे अनाज के अंतर्गत 55.67 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। तिलहन की बुवाई इस साल 98.18 लाख हेक्टेयर में हुई है।ये पिछले साल के मुकाबले कुछ कम है।
- रबी की फसलें ठंडी के मौसम में उगाई जाती हैं।
- यह मुख्यतः अक्टूबर से दिसंबर तक बोई जाती हैं।
- प्रमुख रबी फसलें गेहूं, जौ, सरसों और चना हैं।
- इन फसलों के लिए सर्दी और पर्याप्त सिंचाई की आवश्यकता होती है।
- रबी की फसलें मार्च से मई के बीच कटती हैं।
- किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत: गेहूं, मक्का, और सरसों जैसी फसलें बाजार में अच्छी कीमत पर बिकती हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
- रोजगार सृजन: किसानों के साथ ही खेतों में काम करने वाले मजदूरों, कीटनाशक और उर्वरक बनाने वाली कंपनियों और दुकानदारों को भी रोजगार मिलता है।
- अनाज व्यापार को बढ़ावा: अनाज़ का व्यापार करने वाले व्यापारी और छोटे दुकानदारों को रोजगार के अवसर मिलते हैं।