उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025: पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए कदम

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पुणे: पशुधन क्षेत्र को सशक्त और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025 का आयोजन पुणे के जी.डी. मदुलकर नाट्य गृह में किया गया। इस वर्ष का विषय था, “उद्यमियों को सशक्त बनाना, पशुधन अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना”।

सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री  राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन के साथ किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र की पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्रीमती पंकजा मुंडे भी उपस्थित थीं।

मुख्य घोषणाएँ और उपलब्धियाँ

इस कार्यक्रम में कुल 40 परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिनमें से 20 परियोजनाएँ राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और 20 परियोजनाएँ पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) के तहत थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य डेयरी प्रसंस्करण, मांस प्रसंस्करण, चारा उत्पादन और पशु चिकित्सा बुनियादी ढांचे को विकसित करना है।

सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एनएलएम परिचालन दिशानिर्देश 2.0 और एक निगरानी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। साथ ही, “पशुपालन और पशु कल्याण माह” (14 जनवरी से 13 फरवरी) की घोषणा की गई, जिसमें देश भर में जागरूकता अभियान और शैक्षिक गतिविधियाँ आयोजित होंगी।

सम्मानित राज्य और बैंक

सम्मेलन में एएचआईडीएफ के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु, और उद्यमिता कार्यक्रम के लिए कर्नाटक, तेलंगाना और मध्य प्रदेश को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा, कैनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक को इन योजनाओं के तहत क्रेडिट सहायता प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया।

उद्यमिता और पशुपालन पर जोर

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने अपने संबोधन में ग्रामीण आर्थिक विकास में पशुपालन की भूमिका और एफएमडी मुक्त भारत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंकों से किसानों और महिला उद्यमियों के लिए ऋण प्रक्रियाओं को सरल बनाने का अनुरोध किया।

श्रीमती पंकजा मुंडे ने पशुपालन क्षेत्र की क्षमता को उजागर किया और बैंकों से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। जॉर्ज कुरियन ने इन योजनाओं के तहत 15,000 नौकरियों के सृजन पर प्रकाश डाला, जबकि एस.पी. सिंह बघेल ने नवीन तकनीकों को अपनाने और बेहतर प्रजनन प्रथाओं की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी सत्र और प्रदर्शनी

सम्मेलन के दौरान आयोजित दो तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने निवेश, उद्यमिता और पशुपालन क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा की। मंत्रियों ने प्रदर्शनी स्टालों का दौरा किया और उद्यमियों से संवाद किया।

उद्यमिता विकास सम्मेलन 2025 ने पशुधन क्षेत्र में बदलाव और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह पहल न केवल पशुपालन में नई संभावनाओं को जन्म देगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।