September 10, 2026 4:31 PM

Krishi Times

Archive story

अब नकली बीज बेचने वालों की खैर नहीं!

नकली बीजों पर सख्ती की तैयारी, नया सीड एक्ट लाने से पहले किसान संगठनों से राय लेगी केंद्र सरकार!

नई दिल्ली। किसानों को नकली, मिलावटी और घटिया बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार नया और अधिक सख्त सीड एक्ट लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप देने से पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 सितंबर को कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नया कानून किसानों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया जाए और बीजों की गुणवत्ता, जवाबदेही तथा पारदर्शिता से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाया जा सके। इस बैठक में किसानों के जमीनी अनुभव, सुझाव और चिंताओं को सीधे कानून के मसौदे में शामिल करने पर चर्चा होगी।

नकली और अमानक बीज बेचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

प्रस्तावित सीड एक्ट में नकली, मिलावटी अथवा घटिया बीजों की बिक्री करने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें भारी आर्थिक जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और जेल की सजा जैसे प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खराब गुणवत्ता वाले बीजों के कारण हर वर्ष हजारों किसानों को फसल नुकसान झेलना पड़ता है। कई मामलों में बीज अंकुरण नहीं होने, रोगग्रस्त पौधे विकसित होने या उत्पादन क्षमता कम होने से किसानों की पूरी मेहनत और निवेश प्रभावित होता है। ऐसे में सख्त कानूनी ढांचा किसानों को राहत देने के साथ-साथ बीज बाजार में जवाबदेही भी बढ़ा सकता है।

ट्रेसिंग सिस्टम और गुणवत्ता की गारंटी पर जोर

सरकार ऐसे कानून की दिशा में काम कर रही है जिसमें बीज उत्पादन से लेकर बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सके। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बीजों की गुणवत्ता की निगरानी, प्रमाणन और ट्रेसिंग सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा ताकि किसान खरीदे गए बीज की उत्पत्ति और गुणवत्ता के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकें।

साथ ही किसानों के पारंपरिक और स्वदेशी बीजों के अधिकारों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे कृषि जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय बीज संसाधनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

देशभर के किसान संगठन होंगे शामिल

10 सितंबर को आयोजित इस राष्ट्रीय विमर्श में देश के विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में भारतीय किसान संघ, भारतीय किसान यूनियन (विभिन्न गुट), अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन तथा सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (SIFA) सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इसके अलावा कर्नाटक रैयत संघ, तेलंगाना रैयत संघ, महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन, गुजरात के खेदुत समाज, तमिलनाडु के व्यवसाइगल संघम, झारखंड के प्रगतिशील कृषि मंच तथा अन्य राज्यों के किसान प्रतिनिधि भी अपने सुझाव रखेंगे।

संसद सत्र से पहले अहम चर्चा

कृषि मंत्रालय के अनुसार सरकार किसानों से संवाद और व्यापक सहमति के आधार पर नीति निर्माण को प्राथमिकता दे रही है। आगामी संसद सत्र से पहले होने वाली यह बैठक नए सीड एक्ट के स्वरूप को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

यदि प्रस्तावित कानून प्रभावी रूप से लागू होता है तो यह देश के बीज बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने, नकली बीज कारोबार पर अंकुश लगाने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। किसानों को उम्मीद है कि नया कानून उनकी फसल सुरक्षा और आय स्थिरता को मजबूत करने में सहायक होगा

चित्र: फाइल फोटो