September 9, 2026 1:23 AM

Krishi Times

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30 केंद्र, 226 अभ्यर्थी और ऑनलाइन परीक्षा—गन्ना विभाग की नई पहल!

गन्ना विकास विभाग ने कराई पारदर्शी ऑनलाइन विभागीय परीक्षा, 30 केंद्रों पर 226 गन्ना पर्यवेक्षकों ने लिया भाग!

लखनऊ, 8 सितम्बर 2026। –उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देते हुए गन्ना पर्यवेक्षकों के लिए ऑनलाइन विभागीय परीक्षा का सफल आयोजन किया। प्रदेश के गन्ना उत्पादक जिलों में स्थापित 30 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ आयोजित इस परीक्षा में 226 गन्ना पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया।

विभाग के अनुसार परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई और इसके लिए किसी बाहरी एजेंसी की सेवाएं नहीं ली गईं। विभाग के आईटी सेल द्वारा विकसित विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से परीक्षा का संचालन किया गया, जबकि प्रश्नपत्र विभागीय विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए। इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।

परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला गन्ना अधिकारियों और सहायक चीनी आयुक्तों को परीक्षा केंद्र प्रभारी बनाया गया था। वहीं, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास निरीक्षक और प्रभारी सचिवों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों को नोडल अधिकारी नामित कर पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी कराई गई।

विभागीय परीक्षा के लिए कुल 229 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 226 गन्ना पर्यवेक्षकों ने ऑनलाइन परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि अभ्यर्थियों को उनकी वर्तमान तैनाती वाले जिले अथवा निकटतम केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा नहीं करनी पड़ी और विभागीय कार्य भी प्रभावित नहीं हुए।

डिजिटल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि विभागीय परीक्षाओं में ऑनलाइन प्रणाली अपनाने से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि समय, संसाधनों और प्रशासनिक खर्चों में भी कमी आती है। गन्ना विकास विभाग का यह प्रयास राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने और विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विभाग का कहना है कि भविष्य में भी तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को बढ़ावा देकर विभागीय सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा।