ड्रिप सिंचाई से किसान अब उगा रहे नींबू, अमरूद और अनार!

नूंह में बागवानी को मिली नई रफ्तार! 🌱🍋

नूंह, हरियाणा। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत नूंह जिले में फसल विविधीकरण और बागवानी क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को फलदार फसलों की खेती और नर्सरी विकास के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। चालू सीजन में जिले में करीब 30 एकड़ क्षेत्र को फल उत्पादन के तहत लाया गया है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ नींबू, अमरूद, किन्नू, आंवला और अनार जैसी उच्च मूल्य वाली फल फसलों की खेती कर रहे हैं। इन बागों में ड्रिप सिंचाई जैसी जल-कुशल तकनीकों को अपनाया जा रहा है, जिससे पानी की बचत के साथ पौधों को जरूरत के अनुसार सिंचाई उपलब्ध कराई जा सके।

फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आय की संभावना

बागवानी को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती पर निर्भरता कम करने और अधिक मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ने का अवसर देना है। फल फसलों से किसानों को लंबे समय तक उत्पादन और बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है। वहीं, स्थानीय स्तर पर नर्सरी विकास से गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की उपलब्धता बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

ड्रिप सिंचाई से जल संरक्षण पर जोर

नूंह जैसे क्षेत्रों में जल प्रबंधन कृषि की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। फलदार फसलों में ड्रिप सिंचाई अपनाने से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे सिंचाई दक्षता बढ़ाने और अनावश्यक पानी की खपत कम करने में मदद मिलती है।

नूंह में बागवानी को नई दिशा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत बागवानी क्षेत्र का विस्तार किसानों को फसल विविधीकरण, जल-संरक्षण तकनीक और उच्च मूल्य वाली फसलों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में फल उत्पादन, नर्सरी और बेहतर बाजार संपर्क को मजबूत किया जाता है तो नूंह में बागवानी किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

Source @agriIndia