राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू, डेयरी किसानों को मिलेंगे 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार
नई दिल्ली। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार (National Gopal Ratna Award-2026) के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार देश की स्वदेशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, डेयरी संस्थाओं तथा कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 से 10 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा देने की पहल
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) की शुरुआत दिसंबर 2014 में की गई थी। मिशन का उद्देश्य देश की स्वदेशी गाय एवं भैंस नस्लों का वैज्ञानिक संरक्षण, आनुवंशिक सुधार और उत्पादकता बढ़ाना है। इसी मिशन के तहत वर्ष 2021 से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत की स्वदेशी गोवंशीय नस्लें जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक अनुकूल, रोग प्रतिरोधी और कम लागत में पालन योग्य मानी जाती हैं। ऐसे में इन नस्लों को बढ़ावा देना डेयरी क्षेत्र की स्थिरता और किसानों की आय वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार?
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए निम्नलिखित श्रेणियों में आवेदन मांगे गए हैं:
- स्वदेशी गाय एवं भैंस नस्लों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान
- सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (DCS)
- सर्वश्रेष्ठ दूध उत्पादक कंपनी (MPC)
- सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT)
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) और हिमालयी राज्यों में डेयरी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार का भी प्रावधान किया गया है।
विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान तथा सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति, एफपीओ और एमपीसी श्रेणियों में विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
- प्रथम पुरस्कार: ₹5 लाख
- द्वितीय पुरस्कार: ₹3 लाख
- तृतीय पुरस्कार: ₹2 लाख
- उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पुरस्कार: ₹2 लाख
वहीं, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT) श्रेणी में केवल प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। इस श्रेणी में कोई नकद पुरस्कार नहीं रखा गया है।
ऑनलाइन आवेदन ही होंगे स्वीकार
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 से शुरू होगी और 10 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होगी।
राष्ट्रीय दुग्ध दिवस पर होंगे सम्मानित
चयनित विजेताओं को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर 2026) के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार देश में पशुपालन, डेयरी विकास और स्वदेशी नस्लों के संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करेगा।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पुरस्कार?
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार न केवल डेयरी किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देता है, बल्कि स्वदेशी नस्लों के संरक्षण, बेहतर प्रजनन प्रबंधन, दूध उत्पादन बढ़ाने और संगठित डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाता है। इससे किसानों, डेयरी सहकारी समितियों और एफपीओ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ अन्य पशुपालकों को भी प्रेरणा मिलती है।
आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश और पात्रता की जानकारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग पर उपलब्ध है।
