हापुड़: खाद बिक्री पर प्रशासन की नजर, किसानों को राहत!

प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक भंडार, किसानों से अफवाहों से बचने की अपील

लखनऊ/हापुड़। प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देश पर संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) डॉ. हरेन्द्र मिश्रा ने जनपद हापुड़ का दौरा कर खाद की आपूर्ति, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।

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डॉ. हरेन्द्र मिश्रा प्रदेश में उर्वरक आपूर्ति, उपलब्धता और वितरण के राज्य स्तरीय नियंत्रक अधिकारी हैं। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी के साथ दो उर्वरक निर्माता इकाइयों और दो उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण कर खाद बिक्री की स्थिति का जायजा लिया।

किसानों को फोन कर सत्यापित की गई खाद बिक्री

निरीक्षण के दौरान संयुक्त कृषि निदेशक ने खाद की दुकान से उसी दिन उर्वरक खरीदने वाले पांच किसानों से सीधे फोन पर संपर्क कर बिक्री का सत्यापन किया। किसानों ने बताया कि उन्हें यूरिया निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति बैग की दर से उपलब्ध कराया गया। साथ ही किसी भी किसान को खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया गया।

यह पहल खाद की ओवररेटिंग, टैगिंग और कालाबाजारी जैसी शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रदेश में यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन में उत्तर प्रदेश को लगभग 41 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है। जून माह तक 27 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि 3 जुलाई तक प्रदेश में 28 लाख मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में 15.8 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडार उपलब्ध है, जो खरीफ फसलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

डीएपी की स्थिति भी संतोषजनक

प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए लगभग 10 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता का अनुमान है। जून तक 6 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराने के लक्ष्य के मुकाबले 7.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई जा चुकी है।

वर्तमान में प्रदेश में 5.23 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जिससे किसानों को आगामी अवधि में उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हापुड़ में तीन माह की जरूरत से अधिक डीएपी उपलब्ध

मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. हरेन्द्र मिश्रा ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि प्रदेश में यूरिया और डीएपी दोनों की पर्याप्त उपलब्धता है।

उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में हापुड़ जनपद में 7,653 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी, जबकि वर्तमान में जिले में लगभग 7,000 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार नियमित रूप से अतिरिक्त यूरिया भी भेजा जा रहा है।

इसी प्रकार जुलाई 2025 में जिले में 768 मीट्रिक टन डीएपी की बिक्री दर्ज की गई थी, जबकि वर्तमान में हापुड़ में लगभग 4,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जो अगले तीन महीनों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

ओवररेटिंग और टैगिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचना या उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य बिक्री कराना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और प्रभावी निगरानी व्यवस्था किसानों को समय पर पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ फसल उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया