पीएम-एमकेएसएसवाई: मछली किसानों को बीमा प्रीमियम पर 40% तक प्रोत्साहन, सुरक्षित होगा मत्स्य पालन का भविष्य!
नई दिल्ली। मत्स्य पालन क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, संगठित और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) किसानों को बीमा प्रीमियम पर एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से पात्र मत्स्य किसान बीमा प्रीमियम की लागत पर 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्राकृतिक आपदाओं, रोगों और अन्य जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
बीमा सुरक्षा से बढ़ेगा किसानों का भरोसा
मत्स्य पालन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि विविधीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हालांकि मौसम की अनिश्चितता, जल गुणवत्ता में बदलाव और रोगों के कारण किसानों को अक्सर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में PM-MKSSY के तहत दिया जाने वाला बीमा प्रोत्साहन किसानों को जोखिम प्रबंधन का मजबूत साधन उपलब्ध कराता है।
4 हेक्टेयर तक के किसानों को विशेष लाभ
योजना के तहत 4 हेक्टेयर तक जल क्षेत्र वाले पात्र एक्वाकल्चर किसानों को बीमा प्रीमियम की लागत का 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रति किसान अधिकतम सहायता राशि 1 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। वहीं बायोफ्लॉक, आरएएस, केज कल्चर और अन्य गहन मत्स्य पालन प्रणालियों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान भी है।
एनएफडीपी पर पंजीकरण आवश्यक
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण कराना होगा। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मत्स्य क्षेत्र के औपचारिककरण, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और सरकारी योजनाओं के लाभों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आत्मनिर्भर मत्स्य क्षेत्र की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा कवरेज और डिजिटल पंजीकरण के विस्तार से मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, किसानों का जोखिम घटेगा और उत्पादन क्षमता में सुधार होगा। इससे देश के मत्स्य क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और आय-सृजनकारी बनाने में मदद मिलेगी। PM-MKSSY इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है।






























