हापुड़ के कृषि विज्ञान केंद्र बाबूगढ़ का कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया निरीक्षण, किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने पर दिया जोर!
हापुड़। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने हापुड़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बाबूगढ़ का निरीक्षण कर वहां संचालित कृषि गतिविधियों, अनुसंधान कार्यों और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
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कृषि गतिविधियों और अनुसंधान कार्यों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने केंद्र में चल रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, उन्नत कृषि प्रयोगों, फसल प्रबंधन तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण संबंधी गतिविधियों तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं, इसलिए इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे अनुसंधान से प्राप्त नवीनतम तकनीकों को सीधे खेतों तक पहुंचाएं।
उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक के प्रसार पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्नत एवं प्रमाणित बीजों, जल संरक्षण तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती के नवाचारों तथा फसल विविधीकरण संबंधी जानकारी को अधिक से अधिक किसानों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों और बढ़ती उत्पादन लागत के दौर में तकनीक आधारित खेती किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी साधन बन सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक व्यावहारिक बनाने की सलाह
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप और अधिक व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए। इससे किसान नई तकनीकों को आसानी से अपनाकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने युवा किसानों और महिला कृषकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष पहल करने की भी आवश्यकता बताई।
किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल तकनीक और तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्रों की बढ़ रही है अहम भूमिका
कृषि विज्ञान केंद्र खेत और प्रयोगशाला के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को नई कृषि तकनीकों, बेहतर फसल प्रबंधन, मौसम आधारित खेती और मूल्य संवर्धन की जानकारी मिलती है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ती है, बल्कि किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने में भी मदद मिलती है।
कृषि विकास और किसानों की समृद्धि के लिए अटूट संकल्प
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि, कृषि क्षेत्र के सतत विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसान हितों की रक्षा और कृषि विकास के लिए सरकार का संकल्प भविष्य में भी इसी प्रकार मजबूत और अटूट बना रहेगा।
चित्र सौजन्य: सोशल मीडिया

