यूपी: गन्ना विभाग में डिजिटल क्रांति!

गन्ना समितियों के ऑडिट में तकनीक का इस्तेमाल!

लखनऊ में 23 जून 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और शासन के निर्देशों के अनुरूप विभाग ने प्रदेश की सभी गन्ना समितियों एवं गन्ना विकास परिषदों के लिए यह डिजिटल मॉड्यूल तैयार किया है। इसके संचालन और प्रभावी उपयोग के लिए नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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अब कोई भी चार्टर्ड अकाउंटेंट जब किसी समिति या परिषद का भौतिक निरीक्षण करेगा, तो निरीक्षण से जुड़ी टिप्पणियां, निष्कर्ष, अनुपालन रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज सीधे ऑनलाइन मॉड्यूल में दर्ज किए जाएंगे। इससे ऑडिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और तकनीक आधारित बनेगी।

सीए को मिला विशेष प्रशिक्षण

विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को मॉड्यूल संचालन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, अभिलेख परीक्षण, ऑडिट चेकलिस्ट, फोटो अपलोडिंग, जियो-टैगिंग तथा अनुपालन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य ऑडिट प्रक्रिया को मानकीकृत करना और पूरे प्रदेश में एक समान प्रणाली लागू करना है।

नई व्यवस्था के तहत निरीक्षण एवं परीक्षण की पूरी चेकलिस्ट ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी, जिससे प्रत्येक ऑडिट की निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी। विभागीय अधिकारी भी प्रगति की समीक्षा ऑनलाइन कर सकेंगे।

स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल के आंकड़ों का होगा सत्यापन

गन्ना आयुक्त ने बताया कि 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रदेशव्यापी विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल संबंधी आंकड़ों का भू-राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जाएगा।

इसके लिए विभाग ने एक विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया है, जो किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण और राजस्व रिकॉर्ड के बीच अंतर की पहचान करने में मदद करेगा। अभियान के दौरान विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर निगरानी रखी जाएगी जहां पिछले वर्ष गन्ना क्षेत्रफल से संबंधित शिकायतें अधिक प्राप्त हुई थीं।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

विभाग का मानना है कि इस सत्यापन अभियान से गन्ना किसानों के रिकॉर्ड अधिक सटीक बनेंगे और गन्ना क्षेत्रफल, प्रजाति तथा अन्य अभिलेखीय विवरणों में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जा सकेगा। इससे किसानों को गन्ना सर्वेक्षण, भुगतान, बीज वितरण और अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।

जनप्रतिनिधियों का भी रहेगा सहयोग

अभियान को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने के लिए गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय स्तर के हितधारकों का सहयोग लिया जाएगा। अभियान पूरा होने के बाद जिला स्तरीय अधिकारी कार्य की प्रमाणिकता की पुष्टि करते हुए प्रमाण-पत्र भी जारी करेंगे।

सुशासन और वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम

गन्ना आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना विभाग में सुशासन, वित्तीय अनुशासन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल तथा नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की व्यवस्था से गन्ना समितियों और गन्ना विकास परिषदों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और दक्ष बनेगी। यह पहल न केवल वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों के हितों की सुरक्षा और विभागीय कार्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।