बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई मिलों की स्थापना पर जोर!
पटना, – बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना एवं चीनी उद्योग को नई ऊर्जा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनर्जीवन, नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश आकर्षित करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तेज गति से कार्य करने का निर्देश दिया।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित कर और नई इकाइयों की स्थापना कर न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
चंपारण को बनाया जाएगा प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना केंद्रों में विकसित करने के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गन्ना की पैदावार बढ़ाने, प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में सुधार लाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभाग को समन्वित प्रयास करने होंगे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि उत्पादन लागत कम हो और किसानों की आमदनी में वृद्धि हो सके।
9 बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन पर फोकस
समीक्षा बैठक में राज्य की 9 बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। रायम, सकरी, सासामुसा, मढ़ौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी सहित बंद चीनी मिलों वाले क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की दिशा में तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिलों के पुनरुद्धार से गन्ना आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और किसानों को लंबी दूरी तक फसल ले जाने की समस्या से राहत मिलेगी।
गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 पर जोर
मुख्यमंत्री ने बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने, निवेशकों को प्रोत्साहित करने और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि एथेनॉल, बायोगैस, को-जेनरेशन बिजली उत्पादन और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से उद्योग को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे किसानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित रणनीति
बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, गन्ना उत्पादकता में सुधार और चीनी उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
