दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के 80 से अधिक डॉक्टरों ने किया योग, स्वस्थ जीवनशैली का दिया संदेश
नई दिल्ली। विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) द्वारा DMA हाउस, नई दिल्ली में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक डॉक्टरों और उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा समुदाय के बीच शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
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डॉक्टरों के लिए योग है तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम
कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम लेखी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का कार्यक्षेत्र अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होता है। ऐसे में नियमित योग अभ्यास न केवल उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने चिकित्सकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ चिकित्सकों और पदाधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता
योग सत्र में DMA के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक शामिल हुए। इनमें डॉ. रामिंदर पोपली, डॉ. एस.के. पोद्दार, डॉ. तारिणी तनेजा, डॉ. राधा जैन, डॉ. मीनाक्षी काव, DMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गिरीश त्यागी, डॉ. अजय लेखी, डॉ. आलोक भंडारी, IMA मुख्यालय के मानद वित्त सचिव डॉ. पीयूष जैन, SDB अध्यक्ष डॉ. एन.के. मुद्गल, डॉक्टर्स डे चेयरपर्सन डॉ. संजय सूद सहित अनेक चिकित्सक और उनके परिजन उपस्थित रहे।
योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन
अनुभवी योग प्रशिक्षक सुश्री नेहा गौतम और डॉ. एम.के. तनेजा के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास किया। सत्र का मुख्य फोकस शरीर की लचीलापन बढ़ाने, तनाव कम करने, मानसिक एकाग्रता विकसित करने तथा समग्र स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने पर रहा।
विशेष रूप से डॉ. एम.के. तनेजा ने मधुमेह (डायबिटीज) नियंत्रण में सहायक प्राणायाम तकनीकों का प्रदर्शन किया और उनके नियमित अभ्यास के लाभों की जानकारी दी।
सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता से सराबोर रहा माहौल
सामूहिक योगाभ्यास के दौरान DMA हाउस का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और सामुदायिक एकता की भावना से भर गया। प्रतिभागियों ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी साधन बताया।
निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति DMA की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के समापन पर योग दिवस की सह-अध्यक्ष डॉ. प्रीति गौर ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि “योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी कला है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करती है।” विश्व योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम चिकित्सा समुदाय में स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

