खाद्य तेलों के लिए मानक पैक साइज तय, कीमतों की तुलना होगी आसान!
नई दिल्ली, 6 जून। खाद्य तेल खरीदने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उपभोक्ता मामले विभाग ने विधिक माप (लीगल मेट्रोलॉजी) ढांचे के तहत खाद्य तेलों और वसा की पैकेजिंग एवं लेबलिंग से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए इनके लिए मानक पैक आकार निर्धारित कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी, उपभोक्ताओं को विभिन्न ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और उचित व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
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विभाग द्वारा जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार अब प्रमुख खाद्य तेलों और मिश्रित खाद्य तेलों की बिक्री निर्धारित पैक आकारों में ही की जाएगी। यह व्यवस्था देश में निर्मित और आयातित दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर लागू होगी।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
वर्तमान में बाजार में खाद्य तेलों के कई अलग-अलग पैक आकार उपलब्ध हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए प्रति लीटर या प्रति किलोग्राम कीमत की तुलना करना मुश्किल हो जाता है। नए नियम लागू होने के बाद एक समान पैकेजिंग व्यवस्था से उपभोक्ता आसानी से समझ सकेंगे कि कौन-सा उत्पाद उनके लिए अधिक किफायती है।
गौरतलब है कि कई ब्रांड खाद्य तेल 910 ग्राम 900 ML, या 730 ग्राम पैक में बेचते हैं जिससे उपभोक्ताओं दुविधा होती है..
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ‘वैल्यू फॉर मनी’ की अवधारणा को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को अधिक जानकारीपूर्ण खरीदारी निर्णय लेने में मदद करेगा।
ये होंगे मानक पैक आकार!
संशोधित एसओपी के तहत खाद्य तेलों के लिए निम्नलिखित मानक पैक आकार निर्धारित किए गए हैं
– 200 मिली/ग्राम
– 500 मिली/ग्राम
– 1 लीटर/किलोग्राम
– 2 लीटर/किलोग्राम
– 3 लीटर/किलोग्राम
– 4 लीटर/किलोग्राम
– 5 लीटर/किलोग्राम
– 15 लीटर/किलोग्राम
– 20 लीटर/किलोग्राम
ये नियम पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान तेल, कॉटन सीड तेल, मक्का तेल तथा मिश्रित खाद्य तेलों पर लागू होंगे।
छोटे पैक पर नहीं होगी पाबंदी!
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम मात्रा वाले पैकेट इस मानकीकरण के दायरे से बाहर रहेंगे। इससे निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए छोटे और सस्ते पैक की उपलब्धता बनी रहेगी। इसके अलावा कम मात्रा में उपयोग होने वाले विशेष खाद्य तेलों को भी छूट दी गई है।
अब मात्रा के साथ वजन बताना भी होगा जरूरी!
नए नियमों के तहत यदि किसी खाद्य तेल की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में लिखी गई है, तो पैकेट पर उसका समान वजन भी स्पष्ट रूप से दर्शाना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ता उत्पाद की वास्तविक मात्रा और मूल्य का बेहतर आकलन कर सकेंगे।
उद्योग को भी मिलेगा लाभ!
सरकार का कहना है कि मानक पैक आकार लागू होने से खाद्य तेल उद्योग में पैकेजिंग प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी। इससे अनुपालन आसान होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है और निर्माताओं एवं आयातकों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
तीन महीने का मिला समय!
नए नियमों को लागू करने के लिए निर्माताओं, पैकरों और आयातकों को तीन महीने का संक्रमणकाल दिया गया है। हालांकि इच्छुक कंपनियां इन मानक पैक आकारों को तत्काल प्रभाव से भी अपना सकती हैं।
सरकार का उद्देश्य!
उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार यह पहल बाजार में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे खाद्य तेल क्षेत्र में मूल्य निर्धारण अधिक स्पष्ट होगा और उपभोक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
