August 27, 2026 1:04 AM

Krishi Times

फसल उत्पादन से मजबूत हुई देश की खाद्य सुरक्षा !

भारत ने रचा नया कृषि इतिहास, खाद्यान्न उत्पादन 376.56 मिलियन टन पहुंचा तीसरे अग्रिम अनुमान में रिकॉर्ड उत्पादन का दावा, किसानों को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई !!

नई दिल्ली। देश के कृषि क्षेत्र ने वर्ष 2025-26 में नया इतिहास रच दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने प्रमुख कृषि फसलों के तीसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 376.56 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। यह पिछले वर्ष के 357.73 मिलियन टन उत्पादन की तुलना में करीब 18.8 मिलियन टन अधिक है। कृषि मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय देश के किसानों, वैज्ञानिकों और केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

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धान, गेहूं और मक्का उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी !!

जारी आंकड़ों के अनुसार धान का उत्पादन रिकॉर्ड 154.02 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.84 मिलियन टन अधिक है। वहीं गेहूं उत्पादन 120.65 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो बीते वर्ष से लगभग 2.71 मिलियन टन ज्यादा है। मक्का उत्पादन में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली है। वर्ष 2025-26 में मक्का का उत्पादन रिकॉर्ड 55.09 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 43.40 मिलियन टन था। यानी करीब 11.68 मिलियन टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार के अनुसार पोषक अनाज एवं मोटे अनाजों का कुल उत्पादन भी 74.47 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं “श्री अन्न” का उत्पादन 17.58 मिलियन टन रहने की संभावना जताई गई है।

दलहन उत्पादन में भी सुधार !!

दलहन फसलों में चना उत्पादन 12.51 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से करीब 1.4 मिलियन टन अधिक है। अरहर उत्पादन 3.59 मिलियन टन तथा मसूर उत्पादन 1.76 मिलियन टन रहने की संभावना व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बीज, वैज्ञानिक सलाह और मौसम आधारित कृषि तकनीकों ने दलहन क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

तिलहन और गन्ना उत्पादन ने बनाया नया रिकॉर्ड !!

तिलहन उत्पादन भी इस वर्ष मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। कुल तिलहन उत्पादन 43.05 मिलियन टन रहने का अनुमान हैमूंगफली उत्पादन रिकॉर्ड 13.07 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जबकि सोयाबीन उत्पादन 12.59 मिलियन टन रहने का अनुमान है। सरसों एवं रेपसीड उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसका उत्पादन 13.76 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.10 मिलियन टन अधिक है।
वहीं व्यावसायिक फसलों में गन्ना उत्पादन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सरकार के अनुसार गन्ना उत्पादन 500.06 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष से 45.45 मिलियन टन अधिक है। कपास उत्पादन 29.02 मिलियन गांठ तथा जूट उत्पादन 9.17 मिलियन गांठ रहने का अनुमान है।

कृषि अनुसंधान और वैज्ञानिक तकनीकों का बड़ा योगदान !!

कृषि मंत्री ने कहा कि और उसके संस्थानों द्वारा विकसित जलवायु-अनुकूल किस्मों, वर्षा आधारित खेती तकनीकों और आधुनिक कृषि अनुसंधान ने उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए 339 नई फसल किस्में जारी की गईं। इनमें अनाज, तिलहन, दलहन, चारा और व्यावसायिक फसलें शामिल हैं।

“विकसित कृषि संकल्प अभियान” से किसानों तक पहुंची नई तकनीक !!

सरकार द्वारा चलाए गए “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत वैज्ञानिक सीधे किसानों तक पहुंचे और उन्हें जलवायु-अनुकूल खेती, उन्नत उत्पादन तकनीक, वर्षा आधारित कृषि मॉडल और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई गई। इससे खेती की उत्पादकता और स्थिरता दोनों में सुधार देखने को मिला। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, डिजिटल सॉयल इंटेलिजेंस, मिट्टी एवं जल प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि तकनीकों ने भी उत्पादन वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।

कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम !!

विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात संभावनाओं को भी बढ़ाएगा। लगातार बढ़ती उत्पादकता से किसानों की आय में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।