कृषि वैभव 2026: एफपीओ मॉडल से किसानों को मिलेगा सीधा बाजार, आय बढ़ाने पर केंद्र सरकार का जोर!
केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित “कृषि वैभव 2026 – एफपीओ मेला” का उद्घाटन केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री George Kurian ने किया। इस मेले का आयोजन सेंटर फॉर इनोवेशन इन साइंस एंड सोशल एक्शन (CISSA) द्वारा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, National Dairy Development Board (NDDB), National Cooperative Development Corporation (NCDC) तथा National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) के सहयोग से किया गया।
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(“Krishi Vaibhav 2026 – FPO Mela” held in Thiruvananthapuram highlighted the importance of FPOs, smart farming, value addition, and sustainable agriculture in boosting farmers’ income. Union Minister George Kurian emphasized that FPOs are empowering farmers with better market access and fair pricing.)
एफपीओ किसानों को दिला रहे बेहतर बाजार और उचित मूल्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (FPO) किसानों को बिचौलियों से बचाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि विकास, किसान कल्याण, किसानों की आय दोगुनी करने, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने वर्ष 2020 में शुरू किए गए “10,000 एफपीओ मिशन” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल छोटे एवं सीमांत किसानों को संगठित कर उन्हें बाजार, तकनीक और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने का बड़ा माध्यम बन रही है। मंत्री ने NDDB, NABARD, NCDC, SFAC और MSME जैसी संस्थाओं की एफपीओ विकास में भूमिका की सराहना की।
आधुनिक तकनीक और वैल्यू एडिशन अपनाने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, सरकारी सब्सिडी योजनाओं का लाभ लेने तथा वैल्यू एडिशन एवं प्रोसेसिंग आधारित कृषि मॉडल अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने विशेष रूप से NDDB की सराहना करते हुए कहा कि संस्था अब डेयरी क्षेत्र से आगे बढ़कर किसान-केंद्रित विकास कार्यक्रमों में भी प्रभावी भूमिका निभा रही है।
चारा और शहद एफपीओ से किसानों को नया लाभ
NDDB के अध्यक्ष Dr Meenesh C Shah ने कहा कि NDDB संस्थागत निर्माण और किसान समूहों को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि चारा (Fodder) आधारित एफपीओ पशुओं के लिए बेहतर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय दोनों बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि शहद आधारित एफपीओ वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता को मजबूत कर रहे हैं। इससे ग्रामीण युवाओं और छोटे किसानों के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
गोबर आधारित बायोगैस और जैविक खाद पर जोर
डॉ. शाह ने NDDB की “मैन्योर वैल्यू चेन” पहल की जानकारी देते हुए बताया कि गोबर आधारित बायोगैस उत्पादन और जैविक खाद निर्माण से टिकाऊ कृषि और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि “श्वेत क्रांति 2.0” के तहत सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने और महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
180 स्टॉल में दिखी स्मार्ट फार्मिंग और ऑर्गेनिक उत्पादों की झलक
कार्यक्रम में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर V V Rajesh, विधायक V Muraleedharan सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इस अवसर पर 180 स्टॉल वाली एक विशाल प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें वैल्यू एडेड कृषि उत्पाद, स्मार्ट फार्मिंग तकनीक, ऑर्गेनिक उत्पाद, कृषि स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों का प्रदर्शन किया गया। मेले में किसानों, उद्यमियों और कृषि संस्थाओं के बीच तकनीकी एवं व्यावसायिक साझेदारी पर विशेष जोर देखने को मिला।

गोबर आधारित बायोगैस और जैविक खाद पर जोर