खेती से सुधरेगा स्वास्थ्य, लॉन्च हुआ SEHAT मिशन!

ICMR-ICAR ने लॉन्च किया ‘SEHAT’ मिशन, कृषि और स्वास्थ्य को जोड़कर बेहतर पोषण व रोग नियंत्रण पर फोकस!

मोदी सरकार का बड़ा कदम: अब खेती से सुधरेगा स्वास्थ्य, कुपोषण और लाइफस्टाइल बीमारियों से लड़ने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली। Indian Council of Medical Research और Indian Council of Agricultural Research ने देश में कृषि, पोषण और स्वास्थ्य के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से ‘SEHATScience Excellence for Health through Agricultural Transformation’ नामक राष्ट्रीय मिशन मोड कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य कृषि अनुसंधान और नवाचार को सीधे जनस्वास्थ्य परिणामों से जोड़ना है, ताकि कुपोषण, गैर-संचारी रोगों और पोषण संबंधी चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकाला जा सके।

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इस संयुक्त पहल का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वरिष्ठ वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों की उपस्थिति में किया।

“इलाज से रोकथाम की ओर बढ़ रहा भारत”: जे.पी. नड्डा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने SEHAT मिशन को “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था अब इलाज आधारित मॉडल से निकलकर रोकथाम आधारित, समग्र और सक्रिय स्वास्थ्य प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने आयातित तकनीकों पर निर्भरता कम कर स्वदेशी अनुसंधान, डेटा और नवाचार आधारित स्वास्थ्य मॉडल विकसित किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है, जिसमें रोकथाम, शुरुआती पहचान और निरंतर देखभाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नड्डा ने कहा कि देश में बढ़ती मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए भोजन और पोषण सबसे बड़ा हथियार बन सकता है।

“सही भोजन ही दवा बन सकता है”: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वस्थ भारत की नींव पौष्टिक भोजन और मजबूत कृषि व्यवस्था पर टिकी है। उन्होंने कहा कि SEHAT मिशन कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच अभूतपूर्व समन्वय का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि अब केवल उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि किसान ऐसी फसलें उगाएं जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हों। चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर यह साबित किया जाएगा कि कौन सी फसलें और कृषि पद्धतियां स्वास्थ्य सुधार में कितनी प्रभावी हैं।

उन्होंने लोगों में खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए सही भोजन और जीवनशैली बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, “अगर सही दृष्टिकोण अपनाया जाए तो भोजन ही दवा बन सकता है।”

SEHAT मिशन के पांच प्रमुख लक्ष्य

SEHAT मिशन को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा

  • बायोफोर्टिफाइड और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों का विकास और मूल्यांकन
  • एकीकृत कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देकर पोषण और किसानों की आय में सुधार
  • कृषि श्रमिकों के व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों पर शोध और समाधान
  • फंक्शनल फूड और पोषणयुक्त फसलों के जरिए गैर-संचारी रोगों की रोकथाम
  • “वन हेल्थ” मॉडल के तहत मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के लिए संयुक्त निगरानी और अनुसंधान

कुपोषण और लाइफस्टाइल बीमारियों से निपटने की तैयारी

Dr. Rajiv Bahl, सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग एवं महानिदेशक, ICMR ने कहा कि भारत इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर कुपोषण की समस्या है, तो दूसरी ओर मोटापा और गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब कृषि को केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे पोषण और स्वास्थ्य सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बनाना होगा।

उन्होंने बताया कि SEHAT मिशन के तहत बायोफोर्टिफाइड उत्पादों का परीक्षण, एकीकृत कृषि मॉडल, कृषि श्रमिकों के स्वास्थ्य, और वन हेल्थ मिशन के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्वास्थ्य और कृषि मंत्रालय मिलकर बनाएंगे नई नीति

SEHAT मिशन के जरिए स्वास्थ्य और कृषि मंत्रालय संयुक्त रूप से डेटा आधारित नीति निर्माण, वैज्ञानिक शोध और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में भारत में पोषण सुरक्षा, रोग नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary, Mangi Lal Jat, Anu Nagar तथा D. K. Yadava सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक भी मौजूद रहे।