GRAM 2026 में राजस्थान सरकार और ICRISAT की ऐतिहासिक साझेदारी, मिलेट, जीनोमिक्स और जलवायु-अनुकूल खेती पर रहेगा फोकस !!
International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics (ICRISAT) और राजस्थान सरकार के कृषि विभाग के बीच कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौते हैदराबाद में आयोजित Global Rajasthan Agritech Meet (GRAM) 2026 Investor Meet के दौरान किए गए।
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इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत तथा सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार मौजूद रहे।
समझौतों का औपचारिक आदान-प्रदान राजस्थान सरकार की प्रमुख सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) मंजू राजपाल और ICRISAT के महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक के बीच हुआ।
किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की तैयारी !! 
राजस्थान सरकार और ICRISAT के बीच हुई यह साझेदारी राज्य में वैज्ञानिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इस सहयोग के जरिए छोटे और सीमांत किसानों तक नई तकनीक, अनुसंधान और डिजिटल कृषि समाधान पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान जैसे अर्ध-शुष्क राज्य में जलवायु परिवर्तन, घटती मिट्टी की उर्वरता और पानी की कमी बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में यह साझेदारी किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मददगार साबित हो सकती है।
इन चार क्षेत्रों में बनेगा उत्कृष्टता केंद्र !!
1. मिलेट और जलवायु-अनुकूल फसल प्रणाली केंद्र
इस केंद्र का उद्देश्य मोटे अनाज (मिलेट) की उत्पादकता, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार श्रृंखला को मजबूत करना होगा। साथ ही सूखा और गर्मी सहनशील फसल प्रणालियों पर काम किया जाएगा।
2. जीनोमिक्स और एडवांस ब्रीडिंग सेंटर
इस पहल के तहत आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी और जीनोमिक्स तकनीकों का उपयोग कर अधिक उत्पादन देने वाली और प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने वाली नई फसल किस्में विकसित की जाएंगी।
3. पुनर्योजी कृषि उत्कृष्टता केंद्र (CoERA)
यह केंद्र मिट्टी की सेहत सुधारने, रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर काम करेगा। इसमें कार्बन-स्मार्ट खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
4. डिजिटल कृषि और क्षमता निर्माण
किसानों, कृषि अधिकारियों और अन्य हितधारकों को आधुनिक कृषि तकनीकों, डिजिटल टूल्स, बाजार संपर्क और वैल्यू एडिशन से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
“विकसित भारत बिना विकसित कृषि संभव नहीं”
इस अवसर पर ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान की परिकल्पना तब तक अधूरी है, जब तक किसान समृद्ध नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि “विकसित कृषि के बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है।”
उन्होंने बताया कि ICRISAT की वैश्विक विशेषज्ञता और राजस्थान सरकार की कृषि विकास नीति मिलकर राज्य के किसानों को नई तकनीक और वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराएगी।
राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार !!
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी राजस्थान में मिलेट मिशन, जल संरक्षण आधारित खेती और जलवायु-स्मार्ट कृषि मॉडल को नई गति दे सकती है। इससे किसानों की लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और निर्यात संभावनाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

