जल बचाओ, महिलाओं को सशक्त बनाओ – IARI का संदेश !!
विश्व जल दिवस पर आईसीएआर-आईएआरआई में विशेष कार्यक्रम, ‘जल और जेंडर’ विषय पर हुई चर्चा
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नई दिल्ली -विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च 2026 को आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के जल प्रौद्योगिकी केंद्र (WTC) द्वारा “जल और जेंडर” विषय पर एक तकनीकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान सेवा बोर्ड (ASRB) के सदस्य (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एस.के. अम्बास्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
महिलाओं की भूमिका और चुनौतियों पर विशेष जोर !! 
मुख्य अतिथि डॉ. अम्बास्ट ने भारतीय समाज में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि जल संकट और खारे पानी वाले क्षेत्रों में महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने टिकाऊ जल प्रबंधन के लिए महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और बेहतर प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया।
उन्होंने भूजल के अत्यधिक दोहन की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए भूजल पुनर्भरण को मजबूत करने के प्रभावी उपाय अपनाने की आवश्यकता भी बताई।
‘वॉटर लिटरेसी’ पर किसानों के साथ मंथन !! 
कार्यक्रम के दौरान “जल साक्षरता और शासन के माध्यम से महिला किसानों का सशक्तिकरण” विषय पर एक त्वरित विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किया गया। यह सत्र धन फाउंडेशन, मदुरै (तमिलनाडु) के सहयोग से हुआ, जिसमें तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार, ओडिशा और दिल्ली से आए 17 किसानों (जिनमें 8 महिलाएं शामिल थीं) ने अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने टैंकों सहित जल संसाधनों के कुशल उपयोग पर अपने व्यावहारिक अनुभव बताए।
विशेषज्ञों ने साझा किए तकनीकी और पारंपरिक समाधान !!
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अनुपमा सिंह (संयुक्त निदेशक, शिक्षा एवं डीन), डॉ. सी. विश्वनाथन (संयुक्त निदेशक, अनुसंधान) और डॉ. आर.एन. पडारिया (संयुक्त निदेशक, विस्तार) उपस्थित रहे।
डॉ. अनुपमा सिंह ने पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं के महत्व और महिलाओं की भागीदारी को जल सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
डॉ. विश्वनाथन ने स्वचालित सिंचाई और जलवायु-संवेदनशील जल प्रबंधन तकनीकों से महिला किसानों के श्रम में कमी आने की बात कही।
डॉ. पडारिया ने बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘जल सहेलियों’ की भूमिका को सराहते हुए जल प्रबंधन में महिलाओं की निर्णयात्मक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
स्वागत भाषण और प्रकाशनों का विमोचन !! 
कार्यक्रम की शुरुआत में जल प्रौद्योगिकी केंद्र के परियोजना निदेशक डॉ. पी.एस. ब्रह्मानंद ने स्वागत भाषण दिया और “जल और जेंडर” विषय की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। उन्होंने टिकाऊ जल प्रबंधन में महिला किसानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा WTC, ICAR-IARI के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।
बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति !!
कार्यक्रम में करीब 140 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें किसान, वैज्ञानिक, प्रोफेसर, छात्र और विभिन्न संस्थानों—दिल्ली विश्वविद्यालय, NRAA, ICAR-NBSSLUP, ICAR-NIAP, ICAR-IARI और धन फाउंडेशन—के प्रतिनिधि शामिल रहे।
सारांश…
विश्व जल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम जल प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विशेषज्ञों और किसानों के अनुभवों के आदान-प्रदान से टिकाऊ जल प्रबंधन के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई गई।