यूपी: किसानों के लिए 108 करोड़ से अधिक की मंजूरी!

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभिन्न कृषि योजनाओं के लिए दी वित्तीय मंजूरी

लखनऊ। प्रदेश के किसानों के सर्वांगीण विकास और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विभाग को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृति मिली है। प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने विभिन्न कृषि योजनाओं के संचालन के लिए कुल 10,869.17 लाख रुपये (लगभग 108.69 करोड़ रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

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कृषि विभाग के अनुसार यह राशि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है।

टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान

सरकार ने National Mission for Sustainable Agriculture के अंतर्गत 628.00 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करते हुए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

इस धनराशि से जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, जलवायु अनुकूल खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन अधिक स्थायी बनेगा।

कृषि विस्तार और तकनीकी प्रसार को मिलेगा बल

किसानों तक नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के लिए National Mission on Agricultural Extension and Technology (NMAET) के अंतर्गत संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैकेनाइजेशन के लिए 4,089.67 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, कृषि यंत्रों की जानकारी और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि कार्य अधिक कुशल और लाभकारी बन सके।

फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विशेष पहल

चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया, कृषि विभाग

फसल अवशेष (क्रॉप रेज़िड्यू) के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज़िड्यू के अंतर्गत 1,385.67 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

यह पहल विशेष रूप से पराली प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, जिससे खेतों में फसल अवशेष को जलाने की समस्या कम होगी और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी।

कृषि यंत्रीकरण पर सब्सिडी से किसानों को राहत

कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैकेनाइजेशन के तहत 1,190.00 लाख रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की है। इसके अलावा इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज़िड्यू योजना में किसानों को मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए 3,575.83 लाख रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

इससे किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र कम लागत पर उपलब्ध होंगे और खेती का कार्य तेज़ व आसान बनेगा।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

जानकारों का कहना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को आधुनिक तकनीकों का लाभ मिलेगा, उत्पादन लागत कम होगी और फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि कृषि यंत्रीकरण, तकनीकी विस्तार और संसाधन संरक्षण के माध्यम से प्रदेश के किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।