MP में गेहूं खरीदी लक्ष्य बढ़ा, 9 मई तक स्लॉट बुकिंग—किसानों को राहत!

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला: गेहूं खरीदी लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन, किसानों को व्यापक राहत!

भोपाल, 26 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश में रबी विपणन सीजन के बीच किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इस फैसले को राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीति का बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसानों की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जा सकेगी और बाजार में उन्हें बेहतर अवसर मिलेंगे।

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मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में की। बैठक के दौरान उन्होंने खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुचारू, पारदर्शी एवं किसान-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए।

📊 खरीदी लक्ष्य बढ़ाने के पीछे सरकार की रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष गेहूं की पैदावार में वृद्धि और किसानों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए खरीदी लक्ष्य बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।

उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में किसानों के लिए बेहतर खरीद व्यवस्था संभव हो पाई है।

🧾 स्लॉट बुकिंग में विस्तार, सभी वर्गों को मौका

सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए बड़ा बदलाव करते हुए:

  • लघु एवं सीमांत किसानों के साथ मध्यम और बड़े किसानों के लिए भी स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी है।
  • स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

इससे वे किसान भी लाभ उठा सकेंगे जो किसी कारणवश पहले स्लॉट बुक नहीं कर पाए थे।

⚙️ उपार्जन केंद्रों की क्षमता में बड़ा इजाफा

प्रदेश में बढ़ती आवक को देखते हुए उपार्जन केंद्रों की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है:

  • पहले प्रति केंद्र क्षमता: 1000 क्विंटल प्रतिदिन, अब नई क्षमता: 2250 क्विंटल प्रतिदिन

यह कदम किसानों की लंबी कतारों को कम करने और तेजी से खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

🏪 किसानों की सुविधाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए:

प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 6 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे अनिवार्य किए गए, हम्माल (मजदूर) की पर्याप्त उपलब्धता, छाया, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था, सुचारू परिवहन और भंडारण, साथ ही उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन खरीदी, भुगतान और परिवहन की स्थिति की समीक्षा करें।

🌧️ चना और मसूर खरीदी के लिए विशेष निर्देश

असमय बारिश के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने चना और मसूर की खरीदी के लिए अलग दिशा-निर्देश दिए:

  • खरीदी मंडी के शेड के अंदर की जाए, फसल को बारिश से सुरक्षित रखने के उपाय किए जाएं
  • जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार कर किसानों को जानकारी दी जाए

📦 बारदान और भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक बारदान (बोरी) की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।

  • हर केंद्र पर कम से कम 7 दिनों की खरीदी के लिए बारदान उपलब्ध रहेगा
  • भंडारण और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत किया गया है

📍 किसानों को मिली नई सुविधा

अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए केवल अपनी तहसील तक सीमित नहीं रहना होगा।

  • वे जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी फसल बेच सकते हैं
  • इससे समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी

📈 वर्तमान खरीदी की स्थिति

समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार: प्रदेश में 3,516 उपार्जन केंद्र सक्रिय हैं, 8.55 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई, अब तक 3.96 लाख किसानों से 16.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, किसानों को ₹2,527 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है इसके अलावा मध्यम और बड़े किसानों द्वारा: 40,457 किसानों ने 5.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक किए

⚖️ गुणवत्ता मानकों में राहत

किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने गेहूं गुणवत्ता मानकों में भी छूट प्रदान की है:

  • चमक विहीन गेहूं की सीमा में 50% तक शिथिलता, अल्प विकसित दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 10%
  • क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में वृद्धि

इससे प्राकृतिक कारणों से प्रभावित फसल वाले किसानों को भी लाभ मिलेगा।

🗣️ कलेक्टरों को निर्देश

मुख्यमंत्री ने गुना, रायसेन, दतिया, सीधी और विदिशा जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कहा कि:

  • खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो
  • किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी