यूपी सरकार की पहल, बीज सुखाने के यंत्र पर सब्सिडी

यंत्र बीज ड्रायर योजना के तहत निर्माता कंपनियों के इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया शुरू
सशक्त किसान–समृद्ध उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, बीज उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा यंत्र बीज ड्रायर उपलब्ध कराने हेतु निर्माता कंपनियों के इम्पैनलमेंट (पैनल में सूचीबद्ध करने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह योजना “सशक्त किसान, समृद्ध उत्तर प्रदेश” की अवधारणा को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

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कृषि विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम त्वरित मक्का विकास योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों तथा बीज उत्पादन से जुड़ी संस्थाओं को आधुनिक और वैज्ञानिक बीज सुखाने (Seed Drying) की सुविधा उपलब्ध कराना है।

विभिन्न क्षमता वाले यंत्र बीज ड्रायर

योजना के अंतर्गत अलग-अलग क्षमता के यंत्र बीज ड्रायर शामिल किए गए हैं। पोस्टर में दिए गए विवरण के अनुसार, इन यंत्रों की क्षमता के आधार पर उनकी अनुमन्य लागत तथा अनुदान सीमा निर्धारित की गई है। इससे छोटे, मध्यम और बड़े स्तर पर बीज उत्पादन करने वाले लाभार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार यंत्र का चयन कर सकेंगे।

अनुदान व्यवस्था

सरकार द्वारा यंत्र बीज ड्रायर पर निर्धारित सीमा तक आर्थिक सहायता (सब्सिडी) प्रदान की जाएगी। इससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। अनुदान की राशि यंत्र की क्षमता और लागत के अनुसार तय की गई है।

निर्माता कंपनियों के लिए शर्तें

इम्पैनलमेंट के लिए आवेदन करने वाली निर्माता कंपनियों को अपने यंत्रों के तकनीकी मानक, गुणवत्ता प्रमाणपत्र, परीक्षण रिपोर्ट, निर्माण अनुभव और बिक्री के बाद सेवा (After Sales Service) से संबंधित विवरण प्रस्तुत करना होगा। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद योग्य कंपनियों को पैनल में शामिल किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

निर्माता कंपनियों को इम्पैनलमेंट हेतु आवेदन कृषि विभाग के अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा। आवेदन की समय-सीमा, आवश्यक दस्तावेजों की सूची तथा विस्तृत दिशा-निर्देश पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।

इंपैनलमेंट हेतु आवश्यक अभिलेख संयुक्त कृषि निदेशक अभियंत्रण कार्यालय में रजिस्टर्ड डाक से 17 जनवरी 2026 तक भेजना अनिवार्य है। साथ ही, रजिस्टर्ड डाक की रसीद सहित सभी अभिलेखों की एक प्रति ई-मेल (jdaengg2013@gmail.com) पर भी 17 जनवरी 2026 तक उपलब्ध करानी होगी। इच्छुक निर्माता कंपनियां निर्धारित तिथि तक आवेदन करें।

किसानों को होने वाले प्रमुख लाभ

  • बीज की नमी नियंत्रित होने से गुणवत्ता में सुधार

  • भंडारण के दौरान फफूंद और खराबी से बचाव

  • बीज की अंकुरण क्षमता में वृद्धि, बीज प्रसंस्करण में समय और लागत की बचत, बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता

कृषि क्षेत्र को मिलेगा बल

कृषि विभाग के यंत्र बीज ड्रायर योजना से राज्य में बीज उत्पादन श्रृंखला को मजबूती मिलेगी। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को बीज उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने में भी मदद मिलेगी।

सरकार की यह पहल आत्मनिर्भर कृषि, आधुनिक तकनीक के उपयोग और किसानों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

चित्र:प्रतीकात्मक