सरकार ने फसल बीमा का दायरा व्यापक किया

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: 2025-26 तक विस्तार, किसानों के लिए नई पहल

केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों पर खुशी जताते हुए कहा कि हमारे देश की जनता की जिन्दगी में नये साल में खुशियां व समृद्वि आये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को हम पूरा कर पायें। उन्होंने कहा कि नये साल को सरकार ने किसानों को समर्पित किया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हदृय से धन्यवाद देता हूं। कैबिनेट ने किसानों के हित में 3 बड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:
  1. किसानों के लिए लाभ:
    • फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा और अन्य मौसम संबंधी चुनौतियों के दौरान किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
    • ये योजना किसानों के जोखिम को कम करके कृषि क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करती है।
  2. प्रौद्योगिकी का उपयोग:
    • नवाचार और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए ₹824.77 करोड़ का आवंटन किया गया है।
    • उपज अनुमान प्रणाली (YES-TECH) के तहत उपज का सटीक अनुमान लगाने के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
    • मौसम सूचना और नेटवर्क डेटा सिस्टम (WINDS) स्वचालित मौसम स्टेशनों के माध्यम से मौसम डेटा की सटीकता बढ़ाएगा, जिसका कार्यान्वयन 2024-25 से शुरू होगा।
  3. डीएपी पर विशेष पैकेज:
    • डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर सब्सिडी योजना को 31 दिसंबर, 2025 तक विस्तारित किया गया है।
    • पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) नीति के तहत उर्वरक कंपनियां किफायती दरों पर डीएपी उपलब्ध कराएंगी।
    • विस्तारित योजना के लिए बजट ₹3850 करोड़ निर्धारित किया गया है।
  4. भारत-इंडोनेशिया व्यापार समझौता (MoU):
    • समझौते के तहत हर साल 1 मिलियन मीट्रिक टन गैर बासमती सफेद चावल का व्यापार होगा।
    • यह समझौता राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) के माध्यम से लागू किया जाएगा और दोनों देशों के व्यापार संबंधों को मजबूत करेगा।

सरकार ने इन योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय को सुरक्षित और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फसल बीमा, उर्वरक सब्सिडी, और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों जैसे निर्णय न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा और वैश्विक व्यापार में भी योगदान देंगे।

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