एपीडा की पहल से ओडिशा के बलांगीर से 22.6 मीट्रिक टन ड्राइड होल एग पाउडर का ऐतिहासिक निर्यात !!
नई दिल्ली/बलांगीर। भारत के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को नई ऊंचाई देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने ओडिशा के बलांगीर जिले से पहली बार व्यावसायिक स्तर पर ड्राइड होल एग पाउडर (सूखा संपूर्ण अंडा पाउडर) के निर्यात को सफलतापूर्वक सुविधा प्रदान की है। यह खेप ऑस्ट्रिया भेजी गई है, जो भारत के मूल्य संवर्धित कृषि एवं पशुपालन उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
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22.6 मीट्रिक टन एग पाउडर की पहली खेप रवाना !!
यह निर्यात खेप बलांगीर स्थित ओवीओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड द्वारा भेजी गई है, जो एपीडा में पंजीकृत निर्यातक है। कुल 22.6 मीट्रिक टन ड्राइड होल एग पाउडर की इस खेप को एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव (आईएएस) ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में ओडिशा सरकार के मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग के आयुक्त-सह-सचिव प्रेम चंद (आईएएस), बलांगीर के जिलाधिकारी गौरव शिवाजी इसालवार (आईएएस), एपीडा के वरिष्ठ अधिकारी तथा निर्यातक कंपनी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बलांगीर में स्थापित हुआ अत्याधुनिक एग प्रोसेसिंग प्लांट !!
निर्यात को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय अंडा मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ओवीओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2025 में बलांगीर में एक आधुनिक अंडा प्रसंस्करण इकाई स्थापित की थी। यह इकाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप ड्राइड एग उत्पादों का उत्पादन करती है। संयंत्र को FSSC 22000 Version 6, HALAL और KOSHER प्रमाणन प्राप्त हैं। इसके अलावा यह यूरोपीय संघ (EU) की स्वच्छता आवश्यकताओं, एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल (EIC) मानकों तथा अन्य वैश्विक गुणवत्ता नियमों का भी पालन करता है।
खाद्य उद्योग और फार्मा सेक्टर में बढ़ रही एग पाउडर की मांग !!
ड्राइड होल एग पाउडर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, बेकरी उत्पादों, कन्फेक्शनरी निर्माण तथा फार्मास्यूटिकल उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबी शेल्फ लाइफ, आसान परिवहन और बहुउपयोगिता है। इस उत्पाद को तरल अंडों को स्प्रे-ड्राइंग तकनीक के माध्यम से सुखाकर तैयार किया जाता है। उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सख्त गुणवत्ता नियंत्रण उपाय अपनाए जाते हैं ताकि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर सके।
एपीडा ने वित्तीय और तकनीकी सहायता से बढ़ाया निर्यातकों का आत्मविश्वास !!
एपीडा ने इस परियोजना को अपनी विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं के तहत सहयोग प्रदान किया है। इनमें प्रसंस्करण अवसंरचना को मजबूत करना, खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों को अपनाना तथा प्रयोगशाला परीक्षण क्षमताओं को विकसित करना शामिल है। इन पहलों के माध्यम से भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ रही है और वे यूरोप जैसे सख्त मानकों वाले बाजारों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं।
यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता !!
ऑस्ट्रिया सहित कई यूरोपीय देश खाद्य उद्योग और औद्योगिक उपयोगों के लिए बड़ी मात्रा में एग पाउडर का आयात करते हैं। ऐसे में ओडिशा से हुई यह पहली खेप भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग का संकेत है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्यात न केवल भारत की विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि यूरोपीय संघ के बाजारों में भारतीय मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों की पहुंच भी बढ़ाएगा।
ओडिशा में कृषि-आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा !!
इस निर्यात सफलता से ओडिशा में पोल्ट्री प्रसंस्करण उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही राज्य के कृषि-प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों, उद्यमियों तथा निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि मूल्य संवर्धित कृषि एवं पशुपालन उत्पादों के निर्यात से किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
सारांश:
बलांगीर से ऑस्ट्रिया को भेजी गई ड्राइड होल एग पाउडर की पहली व्यावसायिक खेप भारत के कृषि-निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता दर्शाती है कि आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता मानकों और सरकारी सहयोग के बल पर भारत वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
चित्र: प्रतीकात्मक
