September 16, 2026 5:46 AM

Krishi Times

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बिहार अब बनेगा बीज उत्पादन का नया केंद्र 🌱

राज्य में ही तैयार होंगे उच्च गुणवत्ता वाले बीज और पौध, किसानों को सस्ती और समय पर उपलब्धता का वादा!

पटना, 22 अप्रैल:-बिहार सरकार के कृषि विभाग ने राज्य को देश का प्रमुख बीज उत्पादन केंद्र बनाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अब देश के बड़े बीज उत्पादक संस्थान बिहार में ही सब्जी बीज एवं पौध सामग्री का उत्पादन करेंगे। सरकार ने इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का भी लाभ मिलेगा।

पृष्ठभूमि: बाहर से निर्भरता बनी बड़ी चुनौती

बिहार में वर्तमान समय में 80 प्रतिशत से अधिक रोपण सामग्री अन्य राज्यों से मंगाई जाती है। इससे किसानों को महंगे दाम पर बीज और पौध खरीदने पड़ते हैं। साथ ही समय पर उपलब्धता नहीं होने के कारण खेती की लागत बढ़ती है और उत्पादन प्रभावित होता है। कई बार गुणवत्ता में भी कमी देखने को मिलती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

PPP मॉडल से मिलेगा नया आयाम

सरकार ने “उद्यानिकी रोपण सामग्री उत्पादन” को बढ़ावा देने के लिए PPP मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत निजी कंपनियों, संस्थानों और किसानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस मॉडल से आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और निवेश की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे बीज उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में वृद्धि होगी।

क्या होंगे प्रमुख बदलाव?

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिहार में ही उच्च गुणवत्ता वाले बीजों और पौध सामग्री का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। किसानों को अब बाहर से महंगे बीज मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सस्ती दरों पर और समय पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी। इससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही राज्य कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा विस्तार

इस योजना के तहत राज्य में मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है।

  • 300 से अधिक नर्सरी स्थापित की जाएंगी
  • 60 से ज्यादा कृषि फार्म विकसित किए जाएंगे
  • उत्पादन और वितरण के लिए आधुनिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा

यह ढांचा बीज उत्पादन को संगठित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रमुख पहलें और रणनीति

सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम तय किए हैं:

  • हब-एंड-स्पोक मॉडल: उत्पादन और वितरण को आसान बनाने के लिए
  • बीज ग्राम योजना: ग्रामीण स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा
  • डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम: पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए
  • गुणवत्ता मानकों का पालन: अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को लागू करना

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है। जब किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बीज सामग्री मिलेगी, तो उत्पादन बेहतर होगा और मुनाफा बढ़ेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य

बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को “बीज उत्पादक राज्य” के रूप में स्थापित करना है। यह पहल न केवल राज्य की कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में सामने आ सकती है। आने वाले समय में बिहार न केवल अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि अन्य राज्यों को भी बीज आपूर्ति करने में सक्षम होगा।

सारांश

कृषि विभाग की यह पहल बिहार के किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। PPP मॉडल के जरिए आधुनिक तकनीक, निवेश और प्रबंधन को जोड़कर राज्य को बीज उत्पादन का केंद्र बनाने की दिशा में यह एक बड़ा और दूरगामी कदम है। अगर योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।