
उन्नाव और कानपुर देहात में दलहन उत्पादन को बढ़ावा, 65 किसानों को वितरित किए उन्नत बीज और PSB जैव उर्वरक!
रबी सीजन में चना, मटर और मसूर की खेती को प्रोत्साहन; अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत आदर्श दलहन ग्रामों के किसानों को मिला लाभ
कानपुर/उन्नाव। रबी सीजन में दलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से उन्नाव और कानपुर देहात के चयनित आदर्श दलहन ग्रामों में किसानों को उन्नत प्रजातियों के बीज एवं जैव उर्वरक वितरित किए गए। यह पहल अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत की गई, जिसके माध्यम से किसानों को बेहतर फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम के तहत उन्नाव जनपद के औरास ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिल्हौर एवं शिवराजखेड़ा तथा कानपुर देहात के मैथा ब्लॉक अंतर्गत आदर्श दलहन ग्राम बखरिया के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को लाभान्वित किया गया।
65 किसानों को मिला उन्नत बीज और जैव उर्वरक
कार्यक्रम के दौरान कुल 65 किसानों को चना, मटर और मसूर की उच्च गुणवत्ता वाली उन्नत प्रजातियों के बीज वितरित किए गए। इसके साथ ही प्रत्येक किसान को फास्फोरस घोलक जीवाणु (PSB) की एक-एक बोतल भी उपलब्ध कराई गई।
PSB जैव उर्वरक मिट्टी में मौजूद अघुलनशील फॉस्फोरस को पौधों के लिए अधिक उपलब्ध कराने में मदद करता है। इससे पौधों की जड़ विकास प्रक्रिया और पोषक तत्वों के उपयोग की क्षमता बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी ऐसे जैव उर्वरकों का उपयोग उपयोगी माना जाता है।
खेत बचाओ अभियान के प्रति किसानों को किया जागरूक
बीज एवं जैव उर्वरक वितरण के बाद किसानों को फसल उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दी गईं। इस दौरान विशेष रूप से ‘खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों और खेती की मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की गई।
किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल विविधीकरण, जैविक संसाधनों के इस्तेमाल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया।
दलहन खेती से बढ़ सकती है किसानों की आय
दलहन फसलें किसानों के लिए आर्थिक और कृषि, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण हैं। चना, मटर और मसूर जैसी फसलें कम पानी में भी उपयुक्त परिस्थितियों में अच्छी पैदावार दे सकती हैं। इसके अलावा दलहनी फसलों की जड़ों में मौजूद राइजोबियम जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण में मदद करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में योगदान मिलता है।
ऐसे में उन्नत बीज, जैव उर्वरक और वैज्ञानिक कृषि जानकारी का एक साथ वितरण किसानों को बेहतर उत्पादन, कम लागत और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
कृषि के लिए महत्वपूर्ण संदेश: उन्नत बीज के साथ मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण और वैज्ञानिक खेती का समन्वय ही दलहन उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आमदनी मजबूत करने का आधार बन सकता है।





























