यूपी का स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल बना राष्ट्रीय मॉडल, अध्ययन के लिए बिहार का प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा लखनऊ!
लखनऊ, 20 सितंबर। गन्ना किसानों को पारदर्शी, त्वरित और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश में विकसित ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ (SGK) पोर्टल और ई-गन्ना ऐप अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुके हैं। इन डिजिटल पहलों की सफलता से प्रभावित होकर बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 21 और 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा।
तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में बिहार सरकार के गन्ना अधिकारी, पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) गन्ना उद्योग विभाग के अधिकारी तथा तकनीकी एजेंसी डेक्सियन इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह दल उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी विभाग द्वारा विकसित डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा।
डिजिटल ज्ञान साझेदारी का उदाहरण बनेगा दौरा
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल को ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ पोर्टल और ई-गन्ना ऐप का लाइव डेमो दिखाया जाएगा। अधिकारियों को यह समझाया जाएगा कि किस प्रकार उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को सर्वेक्षण से लेकर भुगतान तक की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल विशेष रूप से ऑनलाइन गन्ना पर्ची वितरण प्रणाली, किसान सट्टा कैलेंडर, वास्तविक समय (रियल-टाइम) आपूर्ति निगरानी, गन्ना सर्वेक्षण, कोटा निर्धारण, सट्टा गणना और भुगतान प्रक्रिया जैसे डिजिटल वर्कफ्लो का अध्ययन करेगा।
48 लाख किसानों को जोड़ने वाला बड़ा डिजिटल नेटवर्क

उत्तर प्रदेश का ‘स्मार्ट केन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ राज्य की 158 सहकारी गन्ना विकास समितियों, 28 चीनी मिल समितियों और 121 चीनी मिलों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। इसके माध्यम से लगभग 48 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर डिजिटल समन्वय स्थापित होने से गन्ना आपूर्ति श्रृंखला अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है। इससे किसानों को समय पर जानकारी मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी तेजी आई है।
किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर रहेगा फोकस
अध्ययन के दौरान बिहार का प्रतिनिधिमंडल यह भी देखेगा कि उत्तर प्रदेश में किसानों की शिकायतों का निस्तारण किस प्रकार ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। प्रतिनिधियों की चीनी मिलों के अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जिनमें किसान हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान में होगा मुख्य कार्यक्रम
इस संबंध में विस्तृत बैठक और प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ के सभागार में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार से आए अधिकारियों के अलावा उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।
डिजिटल गवर्नेंस का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लागू डिजिटल प्रणाली ने पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार किया है। किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वेक्षण विवरण, आपूर्ति कार्यक्रम और भुगतान संबंधी सूचनाएं मोबाइल पर उपलब्ध होने से अनावश्यक दौड़-भाग कम हुई है।
बिहार सरकार का यह अध्ययन दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कृषि और गन्ना प्रबंधन में डिजिटल तकनीक आधारित मॉडल अब राज्यों के बीच ज्ञान-साझेदारी और प्रशासनिक सुधार का नया माध्यम बन रहे हैं। यदि इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाया जाता है, तो देशभर के गन्ना किसानों को पारदर्शी और तकनीक-संचालित सेवाओं का लाभ मिल सकता है।
यह पहल दर्शाती है कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस केवल प्रशासनिक सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों की पारदर्शी सेवाओं तक पहुंच और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का प्रभावी उपकरण भी बन रही है।

























