यूपी गन्ना विभाग का डिजिटल मॉडल बना मिसाल!

ऑनलाइन काउंसलिंग से 119 गन्ना विकास निरीक्षकों को पदोन्नति, यूपी गन्ना विभाग ने रचा नया इतिहास!

लखनऊ, 29 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने कार्मिक प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी काउंसलिंग प्रणाली के माध्यम से 119 गन्ना पर्यवेक्षकों को पदोन्नत कर गन्ना विकास निरीक्षक के पद पर तैनाती प्रदान की है। विभाग की इस पहल को प्रशासनिक पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और शासन के निर्देशों के अनुरूप यह पदोन्नति प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की संस्तुति के आधार पर संपन्न की गई। विभाग में कार्यरत 119 गन्ना पर्यवेक्षकों को पदोन्नति कोटे के रिक्त पदों पर गन्ना विकास निरीक्षक बनाया गया है।

पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग से हुआ तैनाती आवंटन

गन्ना आयुक्त ने बताया कि पदोन्नति एवं तैनाती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के उद्देश्य से विभाग ने पहली बार विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित कर डिजिटल काउंसलिंग आयोजित की। इससे मानव हस्तक्षेप न्यूनतम रहा और पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित तरीके से संचालित की गई।

काउंसलिंग को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कार्मिकों को 20-20 सदस्यों के बैच में विभाजित किया गया। प्रत्येक पात्र कर्मचारी को विभाग में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर 20 संभावित तैनाती स्थलों का चयन करने का अवसर दिया गया।

पसंद और रिक्ति के आधार पर हुआ स्वचालित आवंटन

कार्मिकों द्वारा पोर्टल पर दर्ज वरीयता क्रम और उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर ऑनलाइन प्रणाली ने स्वतः तैनाती स्थानों का आवंटन किया। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्राप्त हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल काउंसलिंग व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है, बल्कि कर्मचारियों का भरोसा भी मजबूत होता है। भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी यह मॉडल उदाहरण बन सकता है।

119 अधिकारियों को मिले पदोन्नति और तैनाती आदेश

ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के सफल समापन के बाद कुल 119 गन्ना विकास निरीक्षकों को पदोन्नति प्रदान करते हुए उनके नवीन तैनाती आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि इससे फील्ड स्तर पर गन्ना विकास कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।

किसानों को भी मिलेगा लाभ

गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना किसानों और विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इनकी तैनाती से गन्ना सर्वेक्षण, उत्पादन वृद्धि, नई तकनीकों के प्रसार, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। इससे प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

चित्र: ग्राफिक्स