किसानों की आय बढ़ाने के लिए राजस्थान सरकार का प्लान!

बांसवाड़ा के चुड़ादा गांव में ग्राम विकास चौपाल, किसानों और पशुपालकों से किया सीधा संवाद

जयपुर/बांसवाड़ा। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने बुधवार को बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ स्थित चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद करते हुए राज्य सरकार की ग्रामीण विकास और कृषि उन्नयन योजनाओं को विस्तार से सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य किसानों को लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में संचालित ग्राम विकास रथों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि ग्रामीण विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की अपील करते हुए बताया कि बैलों द्वारा पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को राज्य सरकार 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है।

बिजली-पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता, सिंचाई परियोजनाओं पर तेज़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें बिजली और पानी की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी), गंगनहर सुदृढ़ीकरण, माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 26 जिलों के किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति दी जा रही है और वर्ष 2027 तक यह सुविधा पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई और ऊर्जा की बेहतर व्यवस्था से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और कृषि लागत में कमी आएगी।

स्थानीय उत्पादों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट और आधुनिक खेती पर जोर

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुरूप प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने ग्रीन हाउस और पॉली हाउस खेती के विस्तार को भी समय की मांग बताया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत सरकार 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है और दुग्ध संकलन केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है।

सहकारिता विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत स्तर पर सहकारी इकाइयों की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता मॉडल किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश पर क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की स्पष्ट नीति और सकारात्मक नीयत का प्रमाण बताया।

युवाओं को रोजगार और कृषि नवाचार की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 4 लाख भर्तियों का संकल्प लिया है। अब तक सवा लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त 1 लाख 35 हजार से अधिक नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि और ग्रामीण उद्यमिता में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप आधारित खेती भविष्य की जरूरत है।

किसानों और पशुपालकों के लिए योजनाओं की जानकारी दी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही हैं। किसानों को पीएम सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज मिनी किट और ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद पर किसानों को 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। साथ ही बिजली बिलों में 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल यूनिट वैन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

प्रगतिशील किसानों और युवा उद्यमियों को सम्मान

ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित प्रगतिशील किसानों और युवा उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चेक वितरित किए। भरत कुमावत, बहादुर सिंह, सुविया, कैलाश, मनु, कलसिंह और निर्भय सिंह गणावा सहित कई किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं के सफल संचालन के लिए सरकार का आभार जताया।

कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री Babulal Kharadi, राजस्व मंत्री Hemant Meena, सहकारिता राज्य मंत्री Gautam Kumar Dak, विधायक कैलाशचंद्र मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।