चेन्नई में पोस्ट-बजट संवाद में नारियल किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ चर्चा, उन्नत किस्मों, नई नर्सरी और वैल्यू एडिशन पर जोर
चेन्नई –केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा नारियल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक महत्वपूर्ण पोस्ट-बजट संवाद में भाग लिया। इस संवाद में नारियल उत्पादन, उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि और नारियल आधारित उद्योगों के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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कार्यक्रम के दौरान चौहान ने कहा कि जब भी वे Tamil Nadu की पवित्र धरती पर आते हैं तो उनका मन उत्साह और ऊर्जा से भर जाता है। उन्होंने राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और महान व्यक्तित्वों को नमन करते हुए कहा कि तमिलनाडु कृषि और बागवानी उत्पादन के क्षेत्र में देश को नई दिशा दे रहा है।
देश में नारियल क्षेत्र की बड़ी भूमिका
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि भारत में नारियल क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय का महत्वपूर्ण आधार है। देश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख किसान नारियल की खेती से जुड़े हुए हैं, जबकि करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नारियल आधारित गतिविधियों पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु देश के प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में से एक है और यहां नारियल आधारित उद्योग, प्रोसेसिंग और निर्यात की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
पुराने बाग और बीमारियाँ बन रही चुनौती
चौहान ने नारियल किसानों के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के कई नारियल बाग लगभग 60 वर्ष पुराने हो चुके हैं, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में गिरावट देखने को मिल रही है।
इसके अलावा रूट विल्ट रोग और व्हाइट फ्लाई जैसे कीट एवं रोग भी नारियल उत्पादन को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के साथ मिलकर ठोस रणनीति बनाई जा रही है।
नई उन्नत किस्मों और अनुसंधान पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार नारियल की उन्नत, उच्च उत्पादक और रोग-प्रतिरोधी किस्मों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि गुणवत्ता में सुधार के साथ भारत वैश्विक बाजार में नारियल निर्यात के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ लगातार संवाद और विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि व्यावहारिक और प्रभावी समाधान तैयार किए जा सकें।
नारियल संवर्धन योजना से मिलेगा बड़ा लाभ
चौहान ने बताया कि Narendra Modi द्वारा घोषित नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से नारियल उत्पादन, प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, जैसे—
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पुराने नारियल बागों के स्थान पर नए बागों की स्थापना
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गुणवत्तापूर्ण नर्सरी का विकास
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आधुनिक प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन सुविधाओं का विस्तार
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नारियल आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन
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इंटरक्रॉपिंग के माध्यम से किसानों की अतिरिक्त आय
सरकार का लक्ष्य नारियल किसानों को बेहतर तकनीक, बाजार और प्रोसेसिंग सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय को स्थायी रूप से बढ़ाना है।
तमिलनाडु के 28% किसानों को मिल सकता है लाभ
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए किसानों और राज्य सरकारों के साथ परामर्श प्रक्रिया जारी है। चर्चा के बाद नारियल संवर्धन से जुड़ी संस्थागत रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से विशेष रूप से तमिलनाडु के लगभग 28 प्रतिशत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
भाषाई विविधता पर भी दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान चौहान ने भारत की भाषाई विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की क्षेत्रीय भाषाएँ अत्यंत समृद्ध और सुंदर हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे संवाद अपनी-अपनी मातृभाषाओं में भी किए जा सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अनुवादकों की सहायता ली जा सकती है। इससे भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता दोनों को मजबूत आधार मिलता है।