पारादीप में इफको के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट-III का लोकार्पण, सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती !!
भुवनेश्वर/पारादीप (ओडिशा): देश में उर्वरक उत्पादन और सहकारिता क्षेत्र को नई ताकत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के पारादीप स्थित भारतीय किसान उर्वरक सहकारी समिति (इफको) इकाई में अत्याधुनिक सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट-III का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित सहकारिता संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह संयंत्र देश के उर्वरक उत्पादन ढांचे को मजबूत करेगा और कृषि आत्मनिर्भरता को गति देगा, जिससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान , इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी तथा प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
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इफको पारादीप यूनिट तकनीकी क्षमता का प्रतीक !!
इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि पारादीप इकाई में स्थापित विश्व का सबसे बड़ा सिंगल रिएक्टर फॉस्फोरिक एसिड प्लांट भारत की तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट प्रबंधन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में यहां ओडिशा की पहली रिवराइन जेटी की स्थापना तथा एक निजी संयंत्र का अधिग्रहण कर उसे देश के अग्रणी संयंत्रों में विकसित करना सहकारिता मॉडल की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इफको हमेशा किसानों की समृद्धि, कृषि विकास और राष्ट्र की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी सहकारिता आधारित विकास को बढ़ावा देता रहेगा।
अमूल मॉडल का जिक्र, महिलाओं की आर्थिक सशक्तता पर जोर !!
अपने संबोधन में अमित शाह ने डेयरी सहकारिता की सफलता का उदाहरण देते हुए Amul का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में लगभग 36 लाख ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों से अमूल एक बड़ा आंदोलन बन चुका है और आज इसका कारोबार लाखों करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसका लाभ सीधे महिला पशुपालकों को मिलता है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह ओडिशा की आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य की क्षमता का पूरा उपयोग किया जाएगा।
ओडिशा के हर गांव तक डेयरी नेटवर्क का लक्ष्य !!
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ओडिशा के गांव-गांव में डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना के लिए काम करेंगी। उनका कहना था कि आने वाले समय में राज्य के हर गांव तक दुग्ध आपूर्ति और डेयरी नेटवर्क विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ठीक उसी तरह जैसे गुजरात में सफलतापूर्वक किया गया है।
मछली पालन और निर्यात को मिलेगा प्रोत्साहन !!
अमित शाह ने यह भी कहा कि मछली पालन क्षेत्र को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से मजबूत किया जाएगा। इससे समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और तटीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय और ओडिशा सरकार मिलकर राज्य के ग्रामीण जीवन को समृद्ध बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर काम करेंगे।
2,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता !!
इफको पारादीप परिसर में स्थापित यह नया सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट देश के उर्वरक उत्पादन ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस प्लांट की उत्पादन क्षमता लगभग 2,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन बताई जा रही है और इसकी लागत करीब 400 करोड़ रुपये है। यह संयंत्र फॉस्फोरिक एसिड निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने में भी सहायक होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर !!
अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मॉडल को मजबूत कर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि “डबल इंजन” की सरकार के सहयोग से ओडिशा में डेयरी, मत्स्य और सहकारिता आधारित उद्योगों का तेजी से विस्तार होगा, जिससे किसानों और ग्रामीण समुदायों की आय बढ़ेगी।
सारांश !!
विशेषज्ञों का मानना है कि पारादीप में स्थापित नया सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट उर्वरक उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और सहकारिता आधारित औद्योगिक मॉडल को नई मजबूती मिलेगी।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया इफको