उर्वरकों का संतुलन ही टिकाऊ कृषि टिकाऊ कृषि की कुंजी!

संतुलित उर्वरीकरण से मृदा स्वास्थ्य, उत्पादकता और टिकाऊ कृषि को नई दिशा नई दिल्ली। फसल की पोषण आवश्यकताओं, मृदा की उर्वरता स्थिति और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण उपयोग ही संतुलित उर्वरीकरण कहलाता है। इसके अंतर्गत सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश आदि) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (जिंक, आयरन, बोरॉन आदि) को … Read more

राष्ट्रीय किसान दिवस: किसानों का सम्मान, राष्ट्र की मजबूती

किसान कल्याण से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार नई दिल्ली। राष्ट्रीय किसान दिवस, जिसे किसान दिवस के नाम से भी जाना जाता है, प्रत्येक वर्ष 23 दिसंबर को पूरे देश में मनाया जाता है। यह दिवस भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर किसानों के योगदान और उनके संघर्षों … Read more

पूसा संस्थान ने मनाया 120 वर्षों की कृषि उत्कृष्टता का जश्न

भारतीय कृषि अनुसंधान में नया मील का पत्थर नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), नई दिल्ली ने अपने 120वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य समारोह का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर 1905 में स्थापना के बाद से भारतीय कृषि में संस्थान के योगदान को रेखांकित किया गया। … Read more

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: कृषि कार्यों में महिलाओं का योगदान

कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जो समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में महिलाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारतीय कृषि … Read more

जलवायु अनुकूल फसलों की 2661 किस्में हुई विकसित

जलवायु के हिसाब से फसलों की नई किस्में पिछले दस साल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़ी संस्थाओं ने 2014-2024 के दौरान विभिन्न फसलों की 2900 किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 2661 किस्में जलवायु के लिहाज़ से मज़बूत हैं। इस अवधि के दौरान, केरल राज्य के लिए 63 क्षेत्रीय फसल किस्मों का विकास किया गया है, जिनमें अनाज की 23, तिलहन की 2, दालों के 10, चारा फसलों की 15 और … Read more

तकनीकी खेती: कृषि क्षेत्र में नई क्रांति

प्रतीकात्मक फोटो (ग्राफिक्स)

तकनीकी खेती (Technical Farming) यानी कृषि को वैज्ञानिक तरीकों, मशीनों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके करना। ये  वह प्रक्रिया है जिसमें पारंपरिक खेती के तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक साधनों का उपयोग किया जाता है। आज के युग में बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों के कारण खेती के इस रूप ने वैश्विक … Read more