NCONF संगोष्ठी: 2047 के विकसित भारत के लिए खेती का नया मॉडल!

राष्ट्रीय संगोष्ठी-सह-प्रदर्शनी: जैविक एवं प्राकृतिक खेती को मिला नया राष्ट्रीय मंच !! 📍 गाजियाबाद/नई दिल्ली, 25 मार्च 2026 : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केन्द्र (NCONF), गाजियाबाद द्वारा देश में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 24-25 मार्च 2026 को … Read more

उर्वरकों का संतुलन ही टिकाऊ कृषि टिकाऊ कृषि की कुंजी!

संतुलित उर्वरीकरण से मृदा स्वास्थ्य, उत्पादकता और टिकाऊ कृषि को नई दिशा नई दिल्ली। फसल की पोषण आवश्यकताओं, मृदा की उर्वरता स्थिति और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण उपयोग ही संतुलित उर्वरीकरण कहलाता है। इसके अंतर्गत सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश आदि) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (जिंक, आयरन, बोरॉन आदि) को … Read more

पराली जलाना मिट्टी की सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन!

पराली जलाने से मिट्टी हो जाती है निर्जीव : मिट्टी की सजीवता पहचानने के वैज्ञानिक संकेत बताए डॉ. एस. के. सिंह समस्तीपुर – डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पोस्ट ग्रेजुएट विभागाध्यक्ष (प्लांट पैथोलॉजी एवं नेमेटोलॉजी) एवं सह-निदेशक (अनुसंधान) प्रोफेसर (डॉ.) एस. के. सिंह ने कहा है कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण … Read more

खेती की दुनिया को लेकर भारत-जर्मनी के बीच संवाद

भारत-जर्मनी कृषि सहयोग: जैविक खेती और डिजिटल कृषि में नई संभावनाएं ग्लोबल लेवल पर भारत कृषि जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जर्मनी के साथ कृषि सहयोग को लेकर संवाद हुआ। जर्मनी के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने कृषि भवन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एमओएएंडएफडब्‍ल्‍यू) के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की। … Read more