25 रुपये में पराली का समाधान: बायो-डीकंपोजर से प्रदूषण पर नियंत्रण!

पूसा किसान मेले में इफको बायो-डीकंपोजर बना आकर्षण: पराली प्रबंधन का सस्ता और टिकाऊ समाधान नई दिल्ली। देश में पराली जलाने से बढ़ते वायु प्रदूषण और मिट्टी की गिरती सेहत के बीच पूसा किसान मेले में किसानों को एक प्रभावी और किफायती समाधान प्रस्तुत किया गया। Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited (इफको) द्वारा विकसित बायो-डीकंपोजर … Read more

चक्रिय कृषि मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय!

कृषि अपशिष्ट बनेगा कमाई का जरिया! कृषि अपशिष्ट से 18,000 मेगावाट बिजली की क्षमता, चक्रिय कृषि मॉडल से ‘अपशिष्ट से संपदा’ की दिशा में बड़ा कदम 3,926 करोड़ की सहायता, 42 हजार से अधिक कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित; गोबरधन योजना के तहत 979 बायोगैस संयंत्र संचालित बढ़ता कृषि अपशिष्ट बना पर्यावरणीय चुनौती! देश में कृषि … Read more

एनसीआर में पराली पर कड़ा पहरा, सीएक्यूएम के आदेश!

एनसीआर में गेहूं की पराली जलाने पर सख्त कदम, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने जारी किए वैधानिक निर्देश! नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 2026 की गेहूं कटाई के मौसम के लिए सख्त वैधानिक निर्देश जारी … Read more

गन्ने की सूखी पत्ती खेत में मिलाएं, उपज बढ़ाएं!

खेत में ही गन्ने की सूखी पत्तियों का डी-कम्पोज़ करना सबसे लाभकारी, प्रदूषण पर रोक और मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि—गन्ना विकास विभाग लखनऊ- गन्ना विकास विभाग ने गन्ने की सूखी पत्तियों व फसल अवशेषों को खेत में ही डी-कम्पोज किए जाने को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया है। विभाग का कहना है कि … Read more

वायु गुणवत्ता सुधार की बड़ी उम्मीद: पराली जलना घटा !

पंजाब–हरियाणा में फसल अवशेष जलाने के मामलों में रिकॉर्ड कमी, धान कटाई सीजन  सम्पन्न पंजाब और हरियाणा में इस वर्ष धान की कटाई का मौसम फसल अवशेष—पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी के साथ समाप्त हुआ। राज्य सरकारों की लक्षित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की व्यापक तैनाती और वायु गुणवत्ता … Read more

पराली जलाना मिट्टी की सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन!

पराली जलाने से मिट्टी हो जाती है निर्जीव : मिट्टी की सजीवता पहचानने के वैज्ञानिक संकेत बताए डॉ. एस. के. सिंह समस्तीपुर – डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पोस्ट ग्रेजुएट विभागाध्यक्ष (प्लांट पैथोलॉजी एवं नेमेटोलॉजी) एवं सह-निदेशक (अनुसंधान) प्रोफेसर (डॉ.) एस. के. सिंह ने कहा है कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण … Read more

पराली जलाने पर अंकुश: पंजाब में नई तकनीकों का प्रदर्शन

पंजाब में फसल अवशेष प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन आईसीएआर–आईआईएमआर, आईसीएआर–सीआईपीएचईटी और सीआईएमएमवाईटी का संयुक्त प्रयास लुधियाना – पंजाब में पराली जलाने की समस्या और मिट्टी के स्वास्थ्य पर उसके दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आईसीएआर–भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), लुधियाना; आईसीएआर–केंद्रीय पश्च–फसल अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीएचईटी), लुधियाना; तथा इंटरनेशनल मक्का एंड व्हीट इम्प्रूवमेंट … Read more