APEDA की पहल से मजबूत होगा सिक्किम का ऑर्गेनिक इकोसिस्टम!

सिक्किम ऑर्गेनिक कॉन्क्लेव 2026: ग्लोबल बाजार में नई पहचान की ओर बढ़ता राज्य!

40 ग्लोबल खरीदारों से सीधा जुड़ाव, सप्लाई चेन सुदृढ़ करने पर जोर!

गंगटोक- APEDA ने Sikkim सरकार के सहयोग से 27–28 फरवरी को गंगटोक में दो दिवसीय “सिक्किम ऑर्गेनिक कॉन्क्लेव–कम–इंटरनेशनल बायर सेलर मीट” का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य सिक्किम के ऑर्गेनिक उत्पादों के निर्यात ढांचे को सशक्त बनाना, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क स्थापित करना तथा राज्य को उच्च मूल्य वाले जैविक कृषि उत्पादों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा।

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उद्घाटन सत्र: नीति और बाजार को जोड़ने का मंच

कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में सिक्किम सरकार के कृषि मंत्री Puran Kumar Gurung, एपीडा के चेयरमैन Abhishek Dev, कृषि एवं बागवानी विभाग के आयुक्त-सचिव Jigmee Dorjee Bhutia तथा IFOAM Organics Asia की कार्यकारी निदेशक Jennifer H. Chang की गरिमामयी उपस्थिति रही।

वक्ताओं ने कहा कि सिक्किम पहले से ही 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है, अब आवश्यकता है कि इस पहचान को वैश्विक ब्रांड वैल्यू में परिवर्तित किया जाए।

बायर–सेलर मीट: निर्यात को मिलेगा नया आयाम

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही बायर–सेलर मीट, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका सहित विभिन्न देशों से आए लगभग 40 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भाग लिया। इन खरीदारों को 20 भारतीय निर्यातकों से सीधे संवाद का अवसर मिला।

करीब 100 एफपीओ/एफपीसी और 10 से अधिक प्रदर्शकों ने सिक्किम की ऑर्गेनिक उत्पाद श्रृंखला को प्रदर्शित किया। प्रदर्शित उत्पादों में बड़ी इलायची, जीआई टैग प्राप्त डल्ले खुरसानी, सिक्किम मंदारिन, कुट्टू (बकव्हीट), ऑर्किड और हल्दी प्रमुख रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से निर्यात अनुबंध, गुणवत्ता मानकों की समझ और दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारियां मजबूत होंगी।

सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर फोकस

इस अवसर पर एपीडा ने “Supply Chain and Export Readiness for Organic Farm Products in Sikkim” शीर्षक विस्तृत रिपोर्ट भी जारी की, जिसे NICDC Logistics Data Services Ltd. (NLDSL) ने तैयार किया है।

रिपोर्ट में राज्य में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, वेयरहाउसिंग, ग्रेडिंग-सॉर्टिंग सुविधाओं और निर्यात-उन्मुख पैकेजिंग में सुधार की संभावनाओं को रेखांकित किया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय सुझाए गए हैं।

किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावना

विश्लेषकों के अनुसार, सिक्किम के ऑर्गेनिक उत्पादों में ग्लोबल स्तर पर प्रीमियम कीमत मिलने की क्षमता है। यदि कच्चे उत्पादों के बजाय प्रोसेस्ड और ब्रांडेड उत्पादों का निर्यात बढ़ाया जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर, बड़ी इलायची और हल्दी के पाउडर, ऑर्गेनिक मसाला पैक, प्रोसेस्ड मंदारिन जूस या डिहाइड्रेटेड उत्पादों के माध्यम से मूल्य संवर्धन कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर दाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

एफपीओ आधारित मॉडल को मजबूत कर सामूहिक ब्रांडिंग और निर्यात प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाना भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

ग्लोबल साझेदारी और सतत कृषि की प्रतिबद्धता

कॉन्क्लेव ने यह संदेश दिया कि भारत सतत और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थागत सहयोग, नीति समर्थन और बाजार संपर्क के माध्यम से सिक्किम को एक उच्च मूल्य वाले ऑर्गेनिक कृषि हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुझाए गए सुधारों पर प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में सिक्किम का ऑर्गेनिक निर्यात कई गुना बढ़ सकता है और राज्य के किसानों को स्थायी आय का मजबूत आधार मिल सकता है।

चित्र: सौजन्य सोशल मी़डिया