भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की शोध उत्कृष्टता को QS रैंकिंग में वैश्विक पहचान !!
नई दिल्ली, 26 मार्च 2026:भा.कृ.अनु.प. – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल करते हुए QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 मेंकृषि एवं वानिकीविषय श्रेणी में अपना स्थान प्राप्त किया है। संस्थान को 151–200 श्रेणीमें स्थान दिया गया है, जो इस प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में उसकी पहली उपस्थिति है। यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान को इस क्षेत्र में अग्रणी भारतीय संस्थानों के चुनिंदा समूह में शामिल करती है और इसे कृषि शिक्षा, अनुसंधान, विस्तार एवं नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ बनाती है।
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अनुसंधान से लेकर खेत स्तर तक !!
121 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासतके साथ भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, भारत में कृषि विज्ञान के उन्नयन में अग्रणी रहा है। इसके योगदान आधारभूत अनुसंधान से लेकर खेत स्तर तक के अनुप्रयोगों तक फैले हुए हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा, जलवायु-सहिष्णु कृषि तथा सतत खेती प्रणालियों जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान परिवार के लिए गर्व का क्षण !!
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बोलते हुए, डॉ. सी.एच.श्रीनिवास राव, निदेशक, भा.कृ.अ.नु.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने संस्थान को बधाई दी और कहा कि QS विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में यह मान्यता पूरे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कृषि अनुसंधान, शिक्षा एवं नवाचार में संस्थान की निरंतर उत्कृष्टता तथा वैश्विक और राष्ट्रीय कृषि चुनौतियों के समाधान हेतु उसके सतत प्रयासों को दर्शाती है।
छात्रों और संकाय सदस्यों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी !!
डॉ. अनुपमा सिंह, डीन एवं संयुक्त निदेशक (शिक्षा), भा.कृ.अ.नु.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती और IARI में प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता को उजागर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मान्यता छात्रों और संकाय सदस्यों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी और कृषि विज्ञान के विकास में सार्थक योगदान देने हेतु उत्साहित करेगी।
QS विषय रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन !!
QS विषय रैंकिंग में संस्थानों का मूल्यांकन वैश्विक स्तर परशैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता धारणा, शोध प्रभाव तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगजैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। IARI का इसमें शामिल होना उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान और अत्याधुनिक कृषि-खाद्य अनुसंधान, नवाचार एवं क्षमता निर्माण में उसके योगदान को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है !!
वर्षों से, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने भारतीय कृषि में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। हरित क्रांति के दौरान अग्रणी योगदान से लेकर उच्च उपज देने वाली फसल किस्मों और उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास तक, संस्थान ने लगातार प्रभावी समाधान प्रदान किए हैं। इसके मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क, जिसमें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त वैज्ञानिक और पुरस्कार विजेता शामिल हैं, ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसकी प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत !!
यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और सतत कृषि विकास में विश्व स्तर पर योगदान देने की उसकी क्षमता को और बढ़ाएगी।