राइसटेक 2026 में IIRR का तकनीकी दमखम!

राष्ट्रीय राइसटेक समिट 2026: बाज़ार-आधारित धान किस्मों पर ICAR–IIRR का जोर !!

कटक – ICAR–Indian Institute of Rice Research (ICAR–IIRR), हैदराबाद के निदेशक डॉ. आर.एम. सुंदरम ने ICAR–Central Rice Research Institute, कटक में आयोजित नेशनल राइसटेक इंडस्ट्री इनोवेशन समिट (RTIIS) 2026 के दौरान “मार्केट-ड्रिवन रेजिलिएंट राइस वैरायटीज़ डेवलपमेंट एवं नेशनल स्ट्रेटेजिक एंड ग्लोबल इंडस्ट्री पार्टनरशिप” विषय पर ऑनलाइन पैनल चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।

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बाजार की मांग के अनुरूप धान प्रजनन की नई दिशा !!

डॉ. सुंदरम ने कहा कि अब धान की किस्मों का विकास पारंपरिक पद्धति से आगे बढ़कर बाज़ार-उन्मुख दृष्टिकोण की ओर अग्रसर हो रहा है। वर्तमान प्रजनन कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय बाजार मानकों, उपभोक्ता पसंद, निर्यात गुणवत्ता, पोषण मूल्य और वैश्विक व्यापार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बदलाव न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि भारतीय चावल को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाएगा। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए टिकाऊ (Sustainable) और जलवायु-सहिष्णु (Climate Resilient) किस्मों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

IIRR की तकनीकी उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण !!

समिट में ICAR–IIRR का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ वैज्ञानिक (पौधा प्रजनन) डॉ. एम.एस. अनंथा और वैज्ञानिक (रोग विज्ञान) डॉ. बसवराज ने किया। डॉ. अनंथा ने संस्थान के संपूर्ण टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो पर व्यापक प्रस्तुति दी, जिसमें वैज्ञानिक आधार, बहु-स्थानीय फील्ड परीक्षण, स्केलेबिलिटी मॉडल और व्यवस्थित व्यावसायीकरण प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया।

संस्थान द्वारा प्रदर्शित प्रमुख नवाचारों में शामिल हैं:

उन्नत मृदा परीक्षण किट
उच्च उत्पादक एवं निर्यातोन्मुख धान किस्में
आधुनिक फसल उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकें
जो चावल मूल्य श्रृंखला में लाभप्रदता बढ़ाने में सहायक हैं
इन तकनीकों का उद्देश्य उत्पादकता, टिकाऊपन, जलवायु सहनशीलता और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

ओडिशा के कृषि मंत्री ने की सराहना !!

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा सरकार के कृषि मंत्री ने ICAR–IIRR स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से संवाद कर संस्थान की तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि ये नवाचार राज्य के किसानों और चावल उद्योग के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।

उद्योग–संस्थान साझेदारी को मिला नया आयाम !!

बी2बी सत्रों के दौरान वैज्ञानिकों ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ तकनीक हस्तांतरण, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और सहयोगी ढांचे पर विस्तृत चर्चा की। कई कंपनियों ने ICAR–IIRR की तकनीकों के व्यावसायीकरण और रणनीतिक साझेदारी में गहरी रुचि दिखाई। यह समिट उद्योग–संस्थान संबंधों को मजबूत करने और ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। निदेशक, वैज्ञानिक टीम और आईटीएमयू इकाई के सामूहिक प्रयासों की व्यापक सराहना की गई।
Source: ICAR–IIRR
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया