September 15, 2026 2:19 AM

Krishi Times

Archive story

पोषण और जलवायु सहनशील धान पर जोर, भुवनेश्वर में कार्यशाला :

भुवनेश्वर में  पौष्टिक चावल पर कार्यशाला का आयोजन,आईसीएआर-आईआईआरआर निदेशक का विशेष संबोधन:

भुवनेश्वर, -ओडिशा की कृषि-खाद्य प्रणाली में पौष्टिक चावल के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में आईसीएआर–भारतीय धान अनुसंधान संस्थान (आईआईआरआर), हैदराबाद के निदेशक डॉ. आर. एम. सुंदरम ने आमंत्रित विशेष संबोधन दिया। यह कार्यशाला अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (IRRI) एवं ओडिशा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।

राज्य एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से शोध का समन्वय !!

डॉ. सुंदरम ने अपने संबोधन में अग्रणी धान अनुसंधान को राज्य एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पोषण-संवेदनशील कृषि को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील किस्मों के विकास तथा किसानों के हित में नवाचारों को अपनाने के लिए शोध, नीति और क्षेत्रीय क्रियान्वयन के बीच मजबूत तालमेल आवश्यक है।

पोषण, जलवायु और किसान केंद्रित नवाचार पर जोर !!

उन्होंने बताया कि पौष्टिक चावल की अवधारणा न केवल उपभोक्ताओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाती है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि प्रणालियों के निर्माण में भी सहायक है। जलवायु-अनुकूल तकनीकों और किसान-केंद्रित नवाचारों को अपनाकर चावल उत्पादन को अधिक लचीला और लाभकारी बनाया जा सकता है।

विचार-विमर्श को मिला नया आयाम !!

डॉ. सुंदरम के विचारों ने कार्यशाला में हो रहे विमर्श को नई दिशा दी और प्रतिभागियों को शोध-आधारित समाधान अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया तथा ओडिशा में पौष्टिक चावल के व्यापक प्रसार पर गहन चर्चा की गई।