आईसीएआर-सीआईएआरआई में पशुधन प्रजनन प्रबंधन पर ग्रीष्मकालीन स्कूल शुरू

श्री विजयपुरम में ‘पशुधन प्रजनन प्रबंधन’ पर ग्रीष्मकालीन स्कूल का उद्घाटन श्री विजयपुरम स्थित आईसीएआर-केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीआईएआरआई) में ‘आसन्न जलवायु परिवर्तन के तहत पशुधन प्रजनन प्रबंधन’ विषय पर 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन स्कूल का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मार्च 2025 तक चलेगा और इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा प्रायोजित … Read more

राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म पंजीकरण 14-22 फरवरी

राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करें: विशेष अभियान 14-22 फरवरी  प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PMMKSSY) के तहत मछुआरों, मछलीपालकों और अन्य पात्र हितधारकों को लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत मत्स्य पालन विभाग 14 से 22 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म … Read more

प्राकृतिक मोती की खेती के लिए सरकार की खास पहल

भारत सरकार प्राकृतिक मोती की खेती को बढ़ावा देने के लिए कोशिश नई दिल्ली, भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने प्राकृतिक मोती की खेती (नैचुरल पर्ल फारमिंग) को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की हैं। राज्य सरकारों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से यह प्रयास … Read more

मूंगफली-सोयाबीन खरीद अवधि बढ़ी, दालों की 100% खरीदी मंजूर

सरकार का तोहफा: मूंगफली-सोयाबीन खरीद अब और आसान नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न राज्यों में मूंगफली और सोयाबीन की खरीद अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, सरकार ने अगले चार वर्षों तक तुअर, मसूर और उड़द की 100% खरीदी जारी रखने का निर्णय लिया … Read more

औषधीय पौधों के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

शतावरी – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष मंत्रालय का विशेष अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने और विकसित भारत के पंच प्राण लक्ष्य को प्राप्त करने में शतावरी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी:  प्रतापराव जाधव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से  … Read more

जलवायु अनुकूल फसलों की 2661 किस्में हुई विकसित

जलवायु के हिसाब से फसलों की नई किस्में पिछले दस साल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़ी संस्थाओं ने 2014-2024 के दौरान विभिन्न फसलों की 2900 किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 2661 किस्में जलवायु के लिहाज़ से मज़बूत हैं। इस अवधि के दौरान, केरल राज्य के लिए 63 क्षेत्रीय फसल किस्मों का विकास किया गया है, जिनमें अनाज की 23, तिलहन की 2, दालों के 10, चारा फसलों की 15 और … Read more

10 वर्षों में दूध उत्पादन 63.55% बढ़ा, किसानों को बड़ा लाभ

पशुपालन क्षेत्र में क्रांति: राष्ट्रीय गोकुल मिशन नई दिल्ली: राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत किए गए सुधारों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से भारत में दूध उत्पादन और बोवाइन पशुओं की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री  राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में बताया कि भारत … Read more

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र: अनुसंधान और नवाचार में अग्रणी

अनुसंधान और नवाचार में नई उपलब्धियाँ राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र (एनआरसीएम), दरभंगा, मखाना अनुसंधान और नवाचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। यह केंद्र वैज्ञानिकों की कुशल टीम द्वारा समर्थित है और मखाना उत्पादन को उन्नत बनाने के लिए विभिन्न अनुसंधान कार्यक्रम चला रहा है। प्रमुख अनुसंधान और नवाचार … Read more

किसानों के हित में फसल बीमा का विस्तार

सुरक्षा के संकल्प के साथ, फसल बीमा पॉलिसी पहुंच रही किसानों के पास पलामू  – झारखंड के पलामू जिले की ग्राम पंचायत खैरादोहर में ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान के तहत फसल बीमा पाठशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान किसानों को उनकी फसल बीमा पॉलिसी सौंपी गई, जिससे वे प्राकृतिक आपदाओं के … Read more

“बसंत पंचमी: जब धरती सोने जैसी खिल उठती है”

बसंत पंचमी और कृषि: किसानों के लिए नई ऊर्जा का पर्व भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां किसानों और कृषि का समाज, संस्कृति और त्योहारों से गहरा नाता है। यहां हर ऋतु के बदलाव के साथ खेती और किसानों की जिंदगी पर प्रभाव पड़ता है। बसंत पंचमी, जो वसंत ऋतु के आगमन का संकेत … Read more