उर्वरकों का संतुलन ही टिकाऊ कृषि टिकाऊ कृषि की कुंजी!
संतुलित उर्वरीकरण से मृदा स्वास्थ्य, उत्पादकता और टिकाऊ कृषि को नई दिशा नई दिल्ली। फसल की पोषण आवश्यकताओं, मृदा की उर्वरता स्थिति और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप उर्वरकों का वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण उपयोग ही संतुलित उर्वरीकरण कहलाता है। इसके अंतर्गत सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश आदि) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (जिंक, आयरन, बोरॉन आदि) को … Read more