संत कबीर नगर में एफपीओ पर सरकार की नजर, 3 संगठनों का निरीक्षण !!

पीएम 10,000 एफपीओ योजना: कमजोर एफपीओ को मिलेगा नया जीवन…

जनपद संत कबीर नगर में पीएम 10,000 कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) कार्यक्रम के अंतर्गत खराब प्रदर्शन करने वाले कृषक उत्पादक संगठनों के पुनर्जागरण एवं संवर्धन के उद्देश्य से केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत तीन एफपीओ का भौतिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त निदेशक डॉ. विक्रांत सिंह द्वारा किया गया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पीएम 10,000 एफपीओ योजना का उद्देश्य !!

पीएम 10,000 एफपीओ कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2027-28 तक देशभर में 10,000 किसान उत्पादक संगठनों का गठन एवं उन्हें सुदृढ़ करना है। वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को तकनीक, वित्त, कृषि आदान, विपणन सुविधाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।

गजपुर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का निरीक्षण !!

निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले विकासखंड नाथनगर स्थित गजपुर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का निरीक्षण किया गया, जो वर्तमान में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। एफपीओ के पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि खाद, बीज एवं कृषि दवाओं का व्यवसाय लाभ न होने के कारण बंद करना पड़ा। इस पर डॉ. विक्रांत सिंह ने कंपनी के पदाधिकारियों को एफपीओ संचालन की गूढ़ कार्यप्रणाली, प्रबंधन सुधार और भारत सरकार की अन्य सहयोगी योजनाओं से जुड़कर संगठन को पुनः सशक्त बनाने के व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस एफपीओ को हर हाल में सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि इससे जुड़े किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

उप कृषि निदेशक के साथ समीक्षा बैठक !!

इस संबंध में डॉ. विक्रांत सिंह ने उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह के साथ एक गहन समीक्षा बैठक भी की। बैठक में एफपीओ की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और सुधारात्मक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सीबीबीओ की भूमिका को और मजबूत करने के निर्देश !!

निरीक्षण के दौरान क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉ. सिंह ने सीबीबीओ के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर उनके प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लघु किसान कृषि-व्यापार संघ (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संवर्धित संस्था) के माध्यम से सीबीबीओ को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए, ताकि एफपीओ को धरातल पर ठोस सहयोग मिल सके।

पौली विकासखंड के एफपीओ का निरीक्षण !!

इसके पश्चात विकासखंड पौली में पौली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी पारा हरगोविंद, नंदन क्रंदन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (ग्राम पटखौली) का निरीक्षण किया गया। इसी क्रम में अनुपम ऑर्गेनिक पौली वेजिटेबल फार्मर्स, ग्राम उमरिया पाण्डेय का भी निरीक्षण किया गया।

अनुपम ऑर्गेनिक एफपीओ बना सफलता का उदाहरण !!

निरीक्षण में यह पाया गया कि अनुपम ऑर्गेनिक पौली वेजिटेबल फार्मर्स एफपीओ द्वारा विभिन्न प्रकार के जैविक उत्पादों का निर्माण एवं विपणन किया जा रहा है। जैविक आटा, सरसों का तेल, मल्टीग्रेन आटा जैसे उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है और यह एफपीओ वर्तमान में अच्छा लाभ अर्जित कर रहा है। अधिकारियों ने इसे अन्य एफपीओ के लिए एक प्रेरक मॉडल बताया।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस !!

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से एफपीओ को सशक्त बनाकर किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। पीएम 10,000 एफपीओ योजना के माध्यम से कमजोर एफपीओ को मजबूती और सफल एफपीओ को और विस्तार देने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।