November 7, 2026 12:16 AM

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उत्तर प्रदेश की सभी गौशालाओं में 10 नवंबर को मनेगी गोवर्धन पूजा!

10 नवंबर को प्रदेश की सभी गौशालाओं में होगा गोवर्धन पूजा का भव्य आयोजन, जनप्रतिनिधियों को किया जाएगा आमंत्रित: धर्मपाल सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ गोवर्धन पूजा को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। आगामी 10 नवंबर को प्रदेश की सभी गौशालाओं में गोवर्धन पूजा के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

हाईवे पर निराश्रित गोवंश मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर निराश्रित गोवंश विचरण करते हुए नहीं मिलने चाहिए। यदि किसी हाईवे या प्रमुख मार्ग पर गोवंश घूमते पाए जाते हैं तो संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी अधिकारी गौशालाओं की क्षमता, गोवंश की उपलब्धता और नियमित निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें।

गौशालाओं में स्वच्छता, सेवा और गोवंश के लिए विशेष व्यवस्था

विधान भवन, लखनऊ स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि 10 नवंबर को सभी गौशालाओं में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

उन्होंने गौशालाओं में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, गोवंश की समुचित देखभाल करने तथा उन्हें गुड़ और हरा चारा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

इन आयोजनों की निगरानी संबंधित मंडलीय अपर निदेशक और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा की जाएगी, ताकि सभी जनपदों में निर्धारित व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से पालन हो सके।

दुग्ध समितियों के गठन में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में मंत्री ने प्रदेश में नई दुग्ध समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को संगठित बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने में दुग्ध समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण, विपणन और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध व्यवसाय को संगठित स्वरूप देने के साथ पशुपालकों को बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

दीपावली पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों पराग के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद

मंत्री ने दीपावली के अवसर पर पराग ब्रांड के उत्पादों की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पराग उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए।

इसके लिए विपणन, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा पराग ब्रांड की प्रभावी मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

नियमित निगरानी और जवाबदेही पर जोर

धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों को गोवंश संरक्षण, गौशालाओं की स्वच्छता, गोवर्धन पूजा के आयोजन, दुग्ध समितियों के गठन और पराग उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि गोवंश संरक्षण के साथ पशुपालकों के आर्थिक हितों और दुग्ध क्षेत्र के विकास को भी प्राथमिकता दी जाए। विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।