October 30, 2026 4:32 PM

Krishi Times

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गुजरात दौरे पर पीएम मोदी, कृषि और डेयरी क्षेत्र को बड़ी सौगात!

प्रधानमंत्री 30-31 अक्टूबर को गुजरात दौरे पर, किसानों के खातों में जारी होंगे पीएम-किसान की 24वीं किस्त के 19,000 करोड़ रुपये

बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात; पशुधन सुधार, डेयरी, कृषि भंडारण और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

अहमदाबाद/बनासकांठा, 29 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त के तहत लगभग 19,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करेंगे। दौरे के दौरान पशुधन की नस्ल सुधार, डेयरी क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन, कृषि भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं पर जोर रहेगा।

प्रधानमंत्री बनासकांठा के भीलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीआरसी) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखेंगे। अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क के चौड़ीकरण और कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी हुई परियोजनाओं का भी कार्यक्रम में विशेष स्थान रहेगा।

पीएम-किसान की 24वीं किस्त से किसानों को वित्तीय सहायता

प्रधानमंत्री दौरे के दौरान पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त के रूप में लगभग 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे। यह राशि देशभर के पात्र किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी जाएगी।

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। यह धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। खेती की तैयारी, बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के समय मिलने वाली यह सहायता किसानों की नकदी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

प्रधानमंत्री 12 स्वीकृत बागवानी क्लस्टरों में जमीनी स्तर पर गतिविधियों की शुरुआत भी करेंगे। लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इन क्लस्टरों से 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टरों में आलू उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पशुधन की नस्ल सुधार के लिए आधुनिक अनुसंधान केंद्र

बनासकांठा के भीलड़ी में स्थापित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर 127 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसे गोजातीय पशुओं के प्रजनन, आनुवंशिक सुधार और आधुनिक प्रजनन तकनीकों के लिए अत्याधुनिक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

इस केंद्र का उद्देश्य उन्नत प्रजनन तकनीकों के जरिए बेहतर पशुधन तैयार करने की प्रक्रिया को गति देना है। परियोजना से नस्ल सुधार की गति में 10 से 20 गुना तक तेजी लाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कांकरेज नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।

पशुधन की गुणवत्ता में सुधार से दुग्ध उत्पादन, पशुपालकों की उत्पादकता और डेयरी कारोबार की दीर्घकालिक क्षमता को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ प्रजनन तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, संतुलित पोषण और किसानों तक तकनीक की पहुंच पर निर्भर करेगा।

गोबर से बायो-सीएनजी, डेयरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

प्रधानमंत्री बनास डेयरी के थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाने वाले दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखेंगे। इन संयंत्रों की प्रतिदिन गोबर प्रसंस्करण क्षमता क्रमशः 75 मीट्रिक टन और 100 मीट्रिक टन होगी।

इन परियोजनाओं का महत्व केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है। डेयरी क्षेत्रों में गोबर का वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव ऊर्जा उत्पादन और प्रसंस्करण के बाद प्राप्त जैविक खाद का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त अवसर पैदा कर सकता है।

यदि गोबर का संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण प्रभावी तरीके से किया जाता है, तो इससे पशुपालकों और डेयरी सहकारी संस्थाओं के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित हो सकते हैं। साथ ही, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।

अहमदाबाद मेट्रो और सड़क नेटवर्क का विस्तार

शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो के चरण-2ए और चरण-2बी की आधारशिला रखेंगे।

मेट्रो चरण-2ए के तहत कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे तक छह किलोमीटर से अधिक का विस्तार प्रस्तावित है, जिसमें पांच स्टेशन शामिल होंगे। वहीं चरण-2बी के तहत गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक 3.3 किलोमीटर से अधिक का विस्तार किया जाएगा, जिसमें तीन स्टेशन होंगे।

इन परियोजनाओं से अहमदाबाद के प्रमुख परिवहन केंद्रों, हवाई अड्डे और गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क यानी राज्य राजमार्ग-41 को चार लेन से आठ लेन में अपग्रेड और मजबूत करने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इससे अहमदाबाद और उत्तर गुजरात के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने के साथ माल परिवहन और व्यापार को भी लाभ मिल सकता है।

कृषि अवसंरचना में 4,950 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

कृषि उत्पादों के भंडारण, संरक्षण और प्रसंस्करण को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत पूरी की गई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 4,950 करोड़ रुपये है।

इनमें कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक एवं द्वितीयक प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं।

कृषि क्षेत्र में ऐसी सुविधाओं का विस्तार फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों को बेहतर बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विशेष रूप से फल, सब्जी और जल्दी खराब होने वाली उपज के लिए शीत भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं उपयोगी हैं।

हालांकि, इन परियोजनाओं का किसानों को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब स्थानीय उत्पादकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों और छोटे कारोबारियों को इन सुविधाओं का किफायती उपयोग मिल सके।

आलू प्रसंस्करण और डेयरी उत्पादों के भंडारण को बढ़ावा

प्रधानमंत्री गुजरात के सांडर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन करेंगे। पालनपुर में अल्ट्रा-हाई-टेम्परेचर (यूएचटी) उत्पादों के लिए स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली भी शुरू की जाएगी।

उत्तर गुजरात में आलू उत्पादन और डेयरी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रसंस्करण क्षमता और आधुनिक भंडारण सुविधाओं के विस्तार से कृषि एवं खाद्य उद्योग की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और बाजार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों का विस्तार

प्रधानमंत्री गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और 361 पूर्ण हो चुके केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। इस पहल पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं और इससे चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के अनुकूल वातावरण विकसित करने के साथ प्रारंभिक बाल देखभाल और विकास संबंधी सुविधाओं को मजबूत करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और परिवारों को मिलने वाली सहायता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

दो नई रेल सेवाओं को हरी झंडी

प्रधानमंत्री अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इन सेवाओं से यात्रियों की आवाजाही और क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं

30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री केवड़िया स्थित एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह महोत्सव 15 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, क्षेत्रीय व्यंजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यटन आकर्षणों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इसी शाम प्रधानमंत्री एकता प्रकाश पर्व उत्सव में शामिल होंगे और नर्मदा आरती में भाग लेंगे। एकता प्रकाश पर्व में रोशनी और प्रकाश आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके प्रमुख आकर्षणों में 530 मीटर लंबी फ्लावर ऑफ वैली सड़क पर रोशनी की सजावट और 180 मीटर लंबी ग्लो टनल शामिल हैं।

31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

इन परियोजनाओं में सीवेज एवं जल उपचार संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, अग्रभाग की रोशनी, आईआरसीटीसी होटल, वर्षावन, एकता ट्रेल और इको ट्रेल से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा गोरा-भंडारा सड़क विकास, शून्य-अपशिष्ट स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, खलवानी इको-पर्यटन विकास तथा कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास जैसी परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस

प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे। इस वर्ष समारोह का व्यापक विषय ‘वंदे मातरम’ होगा, जिसके माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और एकता का संदेश दिया जाएगा।

एकता परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवान भाग लेंगे। इस बार परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में हुए बदलावों पर विशेष जोर रहेगा।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से नक्सल मुक्त भारत विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकारों के शामिल होने की योजना है। इसके जरिए प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों और शांति एवं विकास की दिशा में उनकी यात्रा को दर्शाया जाएगा।

समारोह में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। देशभर के लगभग 5,000 कलाकार भारत की शास्त्रीय और लोक परंपराओं, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।

कृषि, डेयरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह दौरा?

प्रधानमंत्री का गुजरात दौरा कृषि, पशुपालन, डेयरी प्रसंस्करण, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ सामने लाता है। पशुधन नस्ल सुधार, गोबर से बायो-सीएनजी उत्पादन, आलू प्रसंस्करण और कृषि भंडारण जैसी पहलें उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी मूल्य शृंखला को मजबूत करने की क्षमता रखती हैं।

किसानों और पशुपालकों के लिए इन परियोजनाओं की सफलता का आकलन इस आधार पर होगा कि नई सुविधाओं से उनकी उत्पादकता, बाजार तक पहुंच और आय के अवसरों में कितना सुधार होता है। वहीं, मेट्रो, सड़क और रेल परियोजनाएं व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने में योगदान दे सकती हैं।

गुजरात में होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र सरकार कृषि एवं ग्रामीण विकास के साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और राष्ट्रीय एकता से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं को भी रेखांकित करेगी।